बहराइचः उत्तर प्रदेश के बहराइच में जहरीली शराब पीने से 3 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में साजिश की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान किराना दुकान चलाने वाले बाबूराम (60) और उनकी दुकान पर काम करने वाले जितेंद्र (35) और अंकित उर्फ दौलत (40) के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम तीनों ने सरकारी लाइसेंस प्राप्त देशी शराब की दुकान से शराब खरीदी और वहीं बैठकर पीना शुरू किया।
कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां जितेंद्र और अंकित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि बाबूराम की इलाज के दौरान मौत हो गई।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि शराब जहरीली थी या एक्सपायर। बोतल की पैकिंग तारीख 11 फरवरी 2026 पाई गई और उसी बैच की अन्य बोतलों से ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई। आबकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मेथनॉल या क्लोरल हाइड्रेट जैसे जहरीले तत्व नहीं मिलने के बाद पुलिस ने जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया। इसके बाद सामने आया कि यह सामान्य शराब पीने का मामला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हत्या का मामला हो सकता है।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। इसके बाद मामला संदिग्ध पाया गया। पूछताछ में मुख्य अभियुक्त पवन अहलावत उर्फ पोली ने खुलासा किया कि उसका मृतक अंकित की बहन अलका के साथ लंबे समय से संबंध था। अलका अपने भाई की शराब की लत और उसके हिंसक व्यवहार से परेशान थी, जिसके चलते उसकी हत्या की योजना बनाई गई। योजना के तहत पवन ने अपने परिचित अशोक वर्मा से एक जहरीला रसायन हासिल किया, उसे शराब के पाउच में मिलाया, फिर उसे सील कर अंकित को दे दिया।
पुलिस के अनुसार अंकित ने वह शराब पी ली, और उसी दौरान वहां मौजूद जितेंद्र और बाबूराम ने भी उसी बोतल से शराब पी ली, जिससे तीनों की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने अलका, पवन अहलावत और अशोक वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।