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ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने यूएई, कुवैत और बहरीन में पेट्रोकेमिकल प्लांट और बिजली केंद्रों को बनाया निशाना

मध्य पूर्व में हालात तनावपूर्ण: अमेरिका के 3 सहयोगी देशों में किए ड्रोन हमले, ऊर्जा ढांचे पर सीधा असर

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 06, 2026 00:52 IST

तेहरानः पेट्रोकेमिकल संयंत्रों और बिजली केंद्रों में आग लगने की खबरों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि यदि 2 दिनों के भीतर समझौता नहीं होता और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ट्रंप के इसी बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आए। ईरान ने अमेरिका के 3 सहयोगी देशों में हमले किए, जिनका मुख्य निशाना पेट्रोकेमिकल फैक्ट्रियां और बिजली से जुड़े प्रतिष्ठान रहे।

रविवार को ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में स्थित पेट्रोकेमिकल और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि अमेरिका ईरान के नागरिक ढांचे पर हमला करता है तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करेगा और जहां-जहां अमेरिकी हित जुड़े हैं, वहां हमला किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद कुवैत की एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री में आग लग गई। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया कि इस हमले में उनका संयंत्र काफी क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज कंपनी और नेशनल पेट्रोलियम कंपनी की इकाइयों को भी निशाना बनाया गया।

ईरान ने शुएख ऑयल सेक्टर कॉम्प्लेक्स पर भी ड्रोन हमला किया, जहां कुवैत के तेल मंत्रालय का मुख्यालय स्थित है। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

वहीं अबू धाबी में भी पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री को नुकसान पहुंचा। यहां ड्रोन को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया, लेकिन उसके मलबे से आग लग गई। इसके अलावा बहरीन में भी ड्रोन हमले किए गए।

गौरतलब है कि 26 मार्च को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि 10 दिनों के भीतर अमेरिका के साथ समझौता नहीं हुआ और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। यह समयसीमा 6 अप्रैल तक की बताई गई थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान के पास अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं अन्यथा उसे नरक जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप की इस चेतावनी का जवाब ईरान की ओर से भी दिया गया। ईरानी सैन्य अधिकारी अली अब्दोल्लाही अलीआबादी ने कहा कि यदि अमेरिका या इज़राइल ईरान पर हमला करते हैं तो ईरान भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़राइल पर पलटवार करेगा।

ईरानी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार अब्दोल्लाही ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हार की आशंका के बाद अमेरिकी नेतृत्व आक्रामक और युद्धोन्मादी रुख अपना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति असंतुलित और अव्यवस्थित तरीके से व्यवहार कर रहे हैं और ईरान की संपत्तियों व ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने विषम परिस्थितियों में भी दुश्मन को मात देने की रणनीति सीख ली है।

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