नयी दिल्लीः राजधानी दिल्ली में सरकारी अस्पतालों की मुफ्त दवाओं से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में एक अस्पताल से जुड़ा विभागीय कर्मचारी भी शामिल बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से उन दवाओं को बाहर निकाल रहा था, जो सरकार की योजनाओं के तहत मरीजों को मुफ्त दी जानी थीं। इन दवाओं को बाद में बाजार में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 70 लाख रुपये कीमत की दवाएं बरामद की हैं। जब्त दवाओं में कई महंगी और बेहद जरूरी जीवनरक्षक दवाएं शामिल हैं, जैसे मेरोपेनेम, सेफ्ट्रियाक्सोन और रेबीज़ एंटीसीरम। ये दवाएं गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होती हैं और इन्हें खास तौर पर सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए रखा जाता है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क के अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।