नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन ने दावा किया है कि आईपीएल में खेलने की वजह से उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समय से पहले खत्म हो गया।
सोमवार को एक टॉक शो में बातचीत के दौरान पीटरसन ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय बोर्ड केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं देना चाहता था लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया जिसका खामियाजा उन्हें अपने करियर से चुकाना पड़ा।
पीटरसन ने कहा कि मैंने बहुत त्याग किए लेकिन अंत में मेरा करियर ही खत्म हो गया। बोर्ड के कई लोग मेरे खिलाफ हो गए थे।
गौरतलब है कि पीटरसन ने साल 2014 में मात्र 33 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने अपने करियर में 104 टेस्ट मैच खेले लेकिन उनका मानना है कि वे 150-160 टेस्ट मैच खेल सकते थे और 12-13 हजार रन बना सकते थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने मीडिया का इस्तेमाल कर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की। हालांकि इतने साल बाद अब वह इस विवाद पर ज्यादा विस्तार से बात नहीं करना चाहते।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही पीटरसन ने आईपीएल की तारीफ करते हुए कहा था कि इस लीग ने उनके करियर को नई दिशा दी। उन्होंने खास तौर पर राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने को अपने खेल में सुधार का बड़ा कारण बताया था।
अब उसी आईपीएल को अपने करियर के अंत के लिए जिम्मेदार ठहराने के बाद क्रिकेट जगत में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।