पटनाः नीतीश कुमार ने मंगलवार बिहार के मुख्यमंत्री पद का इस्तीफा राज्यपाल सैयद अता हसनैन को सौंप दिया है।
बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की।
उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और राज्य मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद थे। नीतीश ने औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपने के बाद कहा, “मैंने बिहार की जनता के हित में काफी कार्य किए हैं। हाल ही में मैंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया और आज कैबिनेट की बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया।”
इस्तीफे के बाद अपने विस्तृत संदेश में नीतीश ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी और तब से कानून-व्यवस्था बेहतर हुई तथा विकास कार्य लगातार आगे बढ़ते रहे। सरकार ने समाज के हर वर्ग-हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित के लिए काम किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे सभी क्षेत्रों में प्रगति की गई, साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई पहलें की गईं। नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार के लोगों की निरंतर सेवा की है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि आगे भी राज्य में विकास के काम तेज़ी से जारी रहेंगे और बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा।
75 वर्षीय जेडीयू प्रमुख नीतीश हाल ही में राज्यसभा के सदस्य भी बने हैं। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि अब नई सरकार राज्य का कार्यभार संभालेगी और उसे उनका पूरा सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहेगा।