नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को नमो ऐप के जरिए पश्चिम बंगाल के हजारों बूथ स्तर के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़े वर्चुअल संवाद में हिस्सा लिया।
आधिकारिक बयान के अनुसार, “मेरा बूथ सबसे मजबूत” के नारे के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी की डर और दबाव की राजनीति का सामना कर रहे कार्यकर्ताओं के साहस की सराहना की और “विकसित पश्चिम बंग” के निर्माण के लिए जमीनी स्तर की स्पष्ट रणनीति रखी।
विभिन्न जिलों के बूथ अध्यक्षों और जमीनी नेताओं से सीधे संवाद के दौरान उन्होंने टीएमसी पर संस्थागत भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यक तुष्टिकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था व संस्कृति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस “निर्मम सरकार” को हटाना एक न्यायपूर्ण कदम होगा।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं और युवाओं की परेशानियों का जिक्र किया। संदेशखाली की घटनाओं, डॉक्टरों और छात्रों के साथ हुए अत्याचारों और राज्य में लगातार होने वाली हिंसा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी शासन में भय का वातावरण बन गया है।
इस संवाद में टीएमसी से जुड़े सिंडिकेट्स द्वारा आर्थिक शोषण के विभिन्न पहलुओं को भी सामने रखा गया:
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आलू किसानों को अपनी उपज केवल 2 रुपये में बेचने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि वही उत्पाद सिंडिकेट्स 25 रुपये में बेचते हैं, जिससे किसान संकट में आ जाते हैं और भ्रष्ट तंत्र लाभ उठाता है। उन्होंने असम के साथ तुलना करते हुए कहा कि जहां भारतीय जनता पार्टी सरकार चाय बागान मजदूरों को भूमि अधिकार और आवास उपलब्ध कराती है, वहीं टीएमसी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रख रही है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि टीएमसी द्वारा आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को रोका जा रहा है और प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ‘कट मनी’ मांगी जाती है। मोदी ने शिक्षा घोटाले में टीएमसी नेताओं के यहां से बरामद भारी नकदी का जिक्र करते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताया।
मोदी ने अवैध घुसपैठ को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए और कहा कि इससे बंगाल की संस्कृति, भाषा और जनसंख्या संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मतुआ, नामशूद्र और अन्य शरणार्थी समुदायों को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया और कहा कि सीएए को लेकर फैलाए जा रहे डर निराधार हैं तथा “मोदी की गारंटी” उनके अधिकारों की रक्षा करती है।
अंतिम चुनावी चरण की तैयारी के लिए प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को कई स्पष्ट निर्देश दिए कि टीएमसी समर्थित अपराध और सिंडिकेट से जुड़े लोगों की जानकारी एकत्र कर जनता के सामने रखें।
बस, ट्रेन और ऑटो में लोगों को संदेशखाली विरोध और टीएमसी नेताओं से बरामद नकदी के वीडियो दिखाने के लिए कहा गया। महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट देने वालों से सीधे बातचीत करने पर जोर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र का अध्ययन कर हर घर तक उसकी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया।
संवाद के अंत में प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जनता का गुस्सा बदलाव का संकेत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्ट नेताओं और सिंडिकेट्स पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। “बूथ जीतो, सीट जीतो” के मंत्र के साथ उन्होंने कहा कि बदलाव का समय नजदीक है-“टीएमसी सरकार जाएगी, भारतीय जनता पार्टी सरकार आएगी और भय जाएगा, भरोसा आएगा।”
पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।