आम जनता उन्नयन पार्टी सुप्रीमो हुमायूं कबीर वास्तव में तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के ही 'एजेंट' हैं। मंगलवार को उत्तर बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर के गंगारामपुर की सभा से कुछ इसी अंदाज में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हमला बोला। उन्होंने एक बार फिर से 5 मई के बाद तृणमूल के गुंडों को 'उल्टा करके लटकाकर सीधा' करने की धमकी दी। इसके साथ ही उन्होंने बांग्ला नववर्ष के मौके पर तृणमूल को विदा करने का आह्वान भी किया।
गंगारामपुर की सभा से सीधे तौर पर नाम लेते हुए अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि हुमायूं कबीर दीदी के ही एजेंट हैं। उसे साथ लेकर बंगाल की धरती पर दीदी बाबरी मस्जिद बनाना चाहती है लेकिन भाजपा सरकार बंगाल की भूमि पर बाबरी मस्जिद नहीं बनने देगी। दीदी का समय खत्म हो गया है।
दीदी कान खोलकर सुन लीजिए, भाजपा की सरकार आ रही है। पश्चिम बंगाल की भूमि पर हम बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे। इस मामले में उन्होंने राममंदिर बनाने के इतिहास भी बताया। उन्होंने कहा कि 2019 में नरेंद्र मोदी को जिताने की वजह से राममंदिर का निर्माण संभव हो सका।
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अमित शाह ने कहा कि 550 साल से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बीएसपी, डीएमके ने रामलला को तंबू में रख दिया था। ब्रिटिश से लेकर कांग्रेस तक - सभी ने राममंदिर का विरोध किया था। 2019 में आपलोगों ने नरेंद्र मोदी को जीतवाया। मोदी जी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करवा दिया।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार दार्जिलिंग में एक बड़ा इको एडवेंचर हब बनेगा। उत्तर बंगाल में कैंसर के इलाज के लिए एक अलग 600 बेड वाले अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। उत्तर बंगाल के युवाओं के लिए एक क्रीड़ा विश्वविद्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। भाजपा सरकार राजवंशी भाषा को अष्टम अनुसूचीत जाति में शामिल करेगी। उत्तर बंगाल के लिए एक आदिवासी विश्वविद्यालय भी बनेगा।
नाम लिए बगैर ही तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कटाक्ष किया। 5 मई को बंगाल में भाजपा की ही सरकार बनेगी, इसे लेकर अमित शाह आश्वस्त हैं।