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'तृणमूल के बूथ एजेंट को गिरफ्तार करने की दी गयी है हिदायत', ममता बनर्जी ने कहा - वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखे

'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को घेराते हुए कहा - अगर वहां के SIR में 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' नहीं थी तो बंगाल में क्यों?

By Moumita Bhattacharya, Sayani Jowardar

Apr 14, 2026 15:49 IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम मिदनापुर के पिंगला में सभा को संबोधित किया। इस सभा से उन्होंने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले तृणमूल के बूथ एजेंटों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी नेता-कार्यकर्ताओं से 'पैरेलल मशीनरी' तैयार रखने के लिए कहा।

वहीं 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के मुद्दे पर भी उन्होंने चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने बिहार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर वहां के SIR में 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' नहीं थी तो बंगाल में क्यों रखा गया है।

ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव के मैदान में भाजपा के साथ कोई नहीं खड़ा है। इसलिए तृणमूल को रोकने के लिए तरह-तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तृणमूल सुप्रीमो ने आरोप लगाते हुए कहा कि IC, OC से लेकर जितने भी अधिकारी हैं सभी को निर्देश दिया गया है कि तृणमूल के बूथ एजेंट को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वे बूथ पर न बैठ सकें, इसे सुनिश्चित करना होगा। इसलिए ममता बनर्जी ने समानांतर मशीनरी तैयार रखने के लिए कहा। अगर एक को गिरफ्तार किया जाता है तो दूसरा तैयार रहे। मां-बहन एजेंट बनेंगी और लड़ेंगी। बंगाल को काबू में लाना इतना आसान नहीं है।

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सुप्रीम कोर्ट की बात उठाते हुए ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के मुद्दे पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में तो 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' नहीं था। कल सुप्रीम कोर्ट ने भी यहीं कहा था। फिर बंगाल में क्यों? दिल्ली से मोटाभाई आए हैं, साथ में ईडी-सीबीआई को लाए हैं। जितना हो सकता है नाम काटो क्योंकि बंगाल पर कब्जा करना होगा।

गौरतलब है कि सोमवार की सुबह SIR के एडज्यूडिकेशन के बाद जिन लोगों का नाम हटा दिया गया है ऐसे ही आवेदन की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायाधीश जयमाल्य बागची की खंडपीठ में हुई। वहां अदालत का तर्क है कि बंगाल में 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' की सूची में मौजूद मतदाता राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच में फंसकर पूरी तरह से 'सैंडवीच' बन गए हैं। वर्तमान में बंगाल के दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदाता सूची को फ्रिज कर दी गयी है।

इस वजह से ये मतदाता कोई भी इस बार विधानसभा चुनाव में वोट नहीं दे सकेंगे। हालांकि लंबी सुनवाई के बावजूद इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं मिल सका है। अब आम जनता की इस समस्या के बारे में ममता बनर्जी ने भी अपनी चिंता जतायी है। तृणमूल को किसी भी प्रकार से नहीं रोका जा सकता है। इस ललकार के साथ ममता बनर्जी ने कहा कि दुरंतो खेल में भाजपा को भगाया जाएगा।

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