कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश भारती (Gyanesh Bharti) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चुनाव आयोग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी एस.बी.जोशी (SB Joshi) भी मौजूद रहे, जहां राज्यभर में चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलों में चुनाव प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। खासतौर पर सुपर संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान और वहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा मतदाता सूचना पर्चियों (Voter Information Slips) के सुचारु वितरण और वोटर असिस्टेंस बूथ की कार्यक्षमता की भी समीक्षा की गई।
चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग व्यवस्था की तैयारियों का भी जायजा लिया। साथ ही, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जब्ती अभियान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। हिंसा से जुड़े मामलों की समीक्षा कर निवारक कदमों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इससे पहले, चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 2,926 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे-पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
अंतिम सूची के अनुसार, पहले चरण में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 1,478 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं दूसरे चरण में 142 सीटों पर 1,448 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
प्रेस नोट के मुताबिक, दूसरे चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल थी। 10 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच हुई और उम्मीदवारों को 13 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर दिया गया।
चुनाव आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अंतिम उम्मीदवार सूची को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित करें और सभी चुनावी दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से सीलबंद लिफाफों में रखें। इसके अलावा, इस बार ईवीएम के लिए तैयार किए जाने वाले बैलेट पेपर में उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, क्रम संख्या और चुनाव चिह्न शामिल होंगे, ताकि मतदाताओं को पहचानने में आसानी हो।