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क्या आपके घर के मुख्य द्वार का मुख यमलोक दिशा में तो नहीं है ? इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, जानते हैं ?

वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा को मुख्य द्वार के लिए शुभ नहीं माना जाता। क्योंकि इस दिशा के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज हैं।

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे का महत्व अत्यंत अधिक है। प्रचलित विश्वास है कि इसी दरवाजे से घर में सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। यदि मुख्य दरवाजे की दिशा सही न हो, तो घर में वास्तुदोष उत्पन्न होता है। इसके परिणामस्वरूप जीवन में आर्थिक नुकसान, अशुभ प्रभाव और विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा को मुख्य दरवाजे के लिए शुभ नहीं माना जाता। क्योंकि इस दिशा के अधिपति मृत्यु के देवता यमराज हैं। इसलिए अगर दक्षिणमुखी दरवाजा हो तो कुछ विशेष उपाय अपनाना आवश्यक है।

1. दक्षिणमुखी मुख्य द्वार असुरक्षित क्यों माना जाता है ?

वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा को यम की दिशा के रूप में जाना जाता है। इसलिए इस दिशा में मुख्य दरवाजा होने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप परिवार में आर्थिक समस्या, शारीरिक और मानसिक कष्ट, यहां तक कि सदस्यों के बीच विवाद भी बढ़ सकते हैं। इसलिए घर बनाने के समय मुख्य दरवाजे की दिशा का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। लेकिन यह हमेशा आपके हाथ में नहीं होता। विशेषकर अगर फ्लैट या तैयार घर खरीदा जाए या दरवाजे को दक्षिण दिशा के अलावा किसी और जगह बनाने की संभावना न हो, तो मजबूरी में दक्षिण दिशा में ही दरवाजा बनाना पड़ सकता है। हालांकि, उस स्थिति में कुछ उपाय करना महत्वपूर्ण है। क्या करें ?

2. गणेश की तस्वीर लगाएं

मुख्य दरवाजे के ऊपर या पास में विघ्नहर्ता गणेश की तस्वीर लगाने से घर की सभी बाधाएँ और मुश्किलें दूर होती हैं। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

3. स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं

हर दिन सफाई करने के बाद दरवाजे पर स्वस्तिक चिन्ह बनाना शुभ होता है। यदि हर दिन करना संभव न हो, तो स्थायी रूप से दरवाजे पर स्वस्तिक चिन्ह बना सकते हैं या चांदी का स्वस्तिक लटका सकते हैं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।

4. पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाएं

मुख्य दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाने से वास्तुदोष काफी हद तक कम हो जाता है। प्रचलित विश्वास है कि संकटमोचन हनुमान घर को अशुभ शक्ति से बचाते हैं।

5. कैक्टस का पौधा लगाएँ

दक्षिणमुखी घर के दरवाज़े के पास कैक्टस जैसी कांटेदार पौधे रखने से यह नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से सुरक्षा करता है। इससे अशुभ ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती।

6. दर्पण लगाएं

मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने वाली दीवार पर अगर एक बड़ा आईना लगाया जाए तो ऐसा माना जाता है कि दरवाजे से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा परावर्तित होकर वापस चली जाती है। इससे कमरे में सकारात्मक माहौल बना रहता है।

7. मुख्य दरवाजे के लिए कौन सा दिशा सबसे अच्छा है ?

वास्तव में उत्तर-पूर्व दिशा को मुख्य द्वार के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसे देवताओं की दिशा माना जाता है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व दिशा भी शुभ है। लेकिन दक्षिण-पश्चिम दिशा में कभी भी मुख्य द्वार नहीं रखना चाहिए। सही दिशा चुनने पर घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।

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