कैलिफोर्निया : अगर ऑफिस में बॉस उपलब्ध न हों और जरूरी काम के लिए संपर्क करना मुश्किल हो तो अब चिंता की जरूरत नहीं है। टेक कंपनी Meta ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पेश की है।
कंपनी के प्रमुख मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपने कर्मचारियों के साथ तेज और आसान संवाद के लिए एक खास AI सिस्टम शुरू किया है। यह सिस्टम उनके बोलने के अंदाज, सोचने की शैली और आवाज तक की नकल करता है। इसे एक तरह से उनका डिजिटल “क्लोन” कहा जा सकता है।
यह AI सिस्टम जकरबर्ग के डिजिटल संस्करण की तरह काम करेगा। इससे Meta के कर्मचारी अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे और कंपनी की नीतियों व रणनीतियों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार, Meta अपने सुपर इंटेलिजेंट लैब में AI पर लगातार प्रयोग कर रहा है और इसी लैब में यह तकनीक विकसित की गई है।
AI सिस्टम की खासियतें
यह AI कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर सकता है।
यह जकरबर्ग की आवाज, व्यवहार और सोच की शैली की नकल करता है।
कर्मचारी कंपनी की रणनीति और निर्देश तुरंत समझ सकते हैं।
AI सिस्टम कर्मचारियों को तेजी से फीडबैक भी दे सकता है।
Meta इस तकनीक को भविष्य के कार्यस्थल संवाद का अहम हिस्सा मान रहा है। Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, अब कर्मचारी किसी भी समय AI से बात कर कंपनी के लक्ष्य, योजनाओं और फैसलों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। इससे हर छोटे मुद्दे पर सीधे जकरबर्ग से मीटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी और काम की गति बढ़ेगी।
कंपनी का कहना है कि यह पहल कार्यस्थल संचार को और अधिक आधुनिक और तेज बनाएगी। यह AI सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों में निर्णय लेने के लिए सलाह भी देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह के AI क्लोन बड़े संगठनों में संवाद की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल सकते हैं। हालांकि इसके साथ गोपनीयता, सटीकता और मानवीय संपर्क में कमी जैसे मुद्दों को लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं। फिर भी तकनीकी विशेषज्ञ इसे कार्यस्थल संचार के एक नए युग की शुरुआत मान रहे हैं।