🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

भारत-बांग्लादेश ऊर्जा सहयोग मजबूत, रूसी तेल रिफाइनिंग योजना पर तेजी

पश्चिम एशिया संकट के बीच बांग्लादेश ने चुना भारत का सहारा, तेल आयात की नई रणनीति तैयार।

By रजनीश प्रसाद

Apr 12, 2026 11:45 IST

नई दिल्ली : ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता के बीच बांग्लादेश ने नया रास्ता तलाशना शुरू कर दिया है। देश अब रूस से कच्चा तेल मंगाकर भारत में उसे रिफाइन कराने और फिर तैयार ईंधन को वापस आयात करने की योजना बना रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति में बाधा आने से ढाका ने यह पहल की है।

इस प्रस्ताव के तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने, भारत में उसे शुद्ध करने और फिर बांग्लादेश तक पहुंचाने का पूरा खर्च बांग्लादेश ही उठाएगा। इस दिशा में बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं। साथ ही विदेश मंत्रालय के माध्यम से सरकार-से-सरकार (G2G) समझौते के लिए अनुमति मांगी गई है।

वर्तमान में चटगांव में बांग्लादेश की एकमात्र सरकारी रिफाइनरी है, जो मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के तेल के लिए डिजाइन की गई है। रूसी भारी ग्रेड के कच्चे तेल को वहां आसानी से प्रोसेस नहीं किया जा सकता। इसी वजह से बांग्लादेश को परिशोधित ईंधन के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।

इस स्थिति में भारत पर उसकी निर्भरता बढ़ रही है। हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान डीजल आयात का मुद्दा प्रमुख रहा। पहले से ही सिलीगुड़ी से दिनाजपुर के पार्वतीपुर तक एक अंतरराष्ट्रीय डीजल पाइपलाइन चालू है जिसके जरिए नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड से ईंधन की आपूर्ति हो रही है। वर्ष 2023 में 15 साल के समझौते के तहत यह आपूर्ति शुरू हुई थी।

इसके साथ ही बांग्लादेश रूस से सीधे लगभग 6 लाख टन डीजल आयात करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है। हाल ही में रूस के राजदूत अलेक्जेंडर खोजिन ने बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री के साथ बैठक कर द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।

उधर अमेरिकी प्रतिबंधों में कुछ ढील मिलने से रूस से तेल आयात के सीमित अवसर भी बने हैं। बांग्लादेश इस मौके का फायदा उठाकर अपने लिए वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Articles you may like: