बर्दवानः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं के बयान लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं और राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होता जा रहा है। इसी क्रम में पूर्व बर्दवान में चुनावी अभियान के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman)ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है।
“लोग बदलाव चाहते हैं” – वित्त मंत्री का दावा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उन्हें जिस तरह का जनसमर्थन और प्रतिक्रिया मिल रही है, उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि लोग बदलाव की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि लोग सीधे तौर पर भले ही अपनी नाराजगी न व्यक्त करें, लेकिन बातचीत में यह साफ झलकता है कि वे वर्तमान हालात से संतुष्ट नहीं हैं और बेहतर प्रशासन चाहते हैं।
सीतारमण ने यह भी कहा कि 2016 के चुनाव प्रचार की तुलना में इस बार जनता में बदलाव की मांग ज्यादा स्पष्ट और मजबूत दिखाई दे रही है।
बीजेपी को मिल रहे सकारात्मक संकेत का दावा
वित्त मंत्री ने दावा किया कि चुनावी सभाओं और प्रचार कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं को जो प्रतिक्रिया मिल रही है, वह काफी उत्साहजनक है। उनके अनुसार, जनता का रुझान इस ओर संकेत करता है कि पश्चिम बंगाल में इस बार राजनीतिक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि लोगों की बढ़ती भागीदारी और समर्थन बीजेपी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
ममता बनर्जी के बयान पर तीखा पलटवार
इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के परिसीमन (delimitation) से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।
सीतारमण ने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से जनता के बीच भ्रम और भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह के बयान महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अनावश्यक आशंका पैदा कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी या डर का माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से इस पर स्पष्टता बनाए रखने की बात कही।
दो चरणों में मतदान और कड़ा मुकाबला
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे-23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। इसके बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी।
इस चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। टीएमसी जहां लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है, वहीं बीजेपी राज्य में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
चुनावी प्रचार के बीच नेताओं के तीखे बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक गर्म कर रहे हैं। निर्मला सीतारमण के इस बयान ने राज्य में बदलाव बनाम स्थिरता की बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।