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आरसीबी मैदान पर उतरने से पहले ही लखनऊ से जीत गया! ये 3 कारण बहुत ही बड़े हैं

RCB vs LSG: आरसीबी ने अभी तक जो खेल दिखाया है, वह अपने आप में एक मानक हो चला है। और लखनऊ सुपर जॉयंट्स के लिए बेंगलुरु की चुनौती से निपटना बिल्कुल भी आसान नहीं होने जा रहा।

By लखन भारती

Apr 15, 2026 18:12 IST

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में आज के इकलौते मुकाबले में बल्ले से आग उगल रहे कप्तान रजत पाटीदर की टीम बेंगलुरु की टक्कर घरेलू एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में लखनऊ सुपर जॉयंट्स (RCB vs LSG) से होने जा रही है। प्वाइंट्स टेबल में आरसीबी की स्थिति, घरेलू मैदान और दर्शक आदि बातों को भी अलग रख दिया जाए, तो वर्तमान में आरसीबी के पास 3 ऐसी बड़ी बातें हो चली हैं, जो एक बार को उसके चाहने वालों को संदेश देने में सफल हैं कि आरसीबी की टीम मैदान पर पैर रखने से पहले ही मुकाबला जीत चुकी है और जब वह मैदान पर उतरेंगे, तो फिर लखनऊ का क्या हाल करेंगे, यह सहज ही समझा जा सकता है।

आरसीबी के बल्लेबाजी का तूफान

अभी तक इस संस्करण में आरसीबी की बल्लेबाजी सर्वश्रेष्ठ रही है और इसे लखनऊ के चाहने वाले भी तीन मानों पर साफ-साफ समझ सकते हैं। अगर दोनों टीमों के शीर्ष छह बल्लेबाजों को सामने रखा जाए, तो बेंगलुरु के रन-रेट (11.1) सबसे ज्यादा है। इस टीम का औसत 45.2 भी सबसे ज्यादा है, तो नौ टीमों के मुकाबले आरसीबी के बल्लेबाजों की बाउंड्री गति कहीं ज्यादा है। आरसीबी के बल्लेबाजों ने हर 3.6 गेंदों के बाद एक बाउंड्री जड़ी है और जब शीर्ष छह बल्लेबाज ऐसा प्रदर्शन करें, मानक ऐसे स्थापित कर दें, तो फिर आरसीबी के चाहने वाले क्यों न कहें कि उनकी टीम तो मैदान पर पैर रखने से पहले ही जीत चुकी है।

इन 3 मानकों पर लखनऊ बेहाल

जब बात रन-रेट, औसत और बाउंड्री की गति की आती है, तो पंत की लखनऊ के हाल सबसे बेहाल हैं। सुपर जॉयंट्स का रन-रेट (प्रति ओवर) 7.6 है, तो इस टीम का औसत 20.6 है. मतलब उसका हर विकेट इतने रन अंतराल पर गिरा है और पंत सहति लखनऊ के शीर्ष छह बल्लेबाजों ने मिलकर हर 5.6 ओवर के अंतराल पर एक बाउंड्री बटोरी है। आरसीबी के मुकाबले यह अंतर पूरे दो ओवरों का है। आप ही बताएं कि लखनऊ के फैंस क्यों न दावा करें कि उनकी टीम मैदान पर पैर रखने से पहले ही जीत चुकी है। किसी भी मुकाबले में अंतर पैदा करने के लिए यह तीन बहुत ही बड़े मानक हैं और अगर आज आरसीबी ने तीनों का ही ऐसा स्तर बरकरार रखा, तो जीत टीम पाटीदार की पक्की समझिए।


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