नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में वैसे तो मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी का दिखाई दे रहा है मगर जो हर वक्त दिखता है वो सब सही नहीं होता है, इसी तरह पश्चिम बंगाल में कई तरह का मुकाबला चल रहा है और ऐसा ही एक मुकाबला है मुस्लिम वोटों को लेकर। राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में रैली करना शुरू कर दिया है उन्होंने रायगंज, मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियां की। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस फिलहाल इन्हीं इलाकों पर अपना फोकस रखना चाहती है क्योंकि रायगंज से प्रियरंजन दासमुंशी जीतते रहे फिर उनके निधन के बाद उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी 2009 में सांसद भी रही। मालदा हमेशा से कांग्रेस का गढ़ रहा है एबीए गनी खान चौधरी से लेकर अभी तक यहां की एक सीट से कांग्रेस का सांसद रहा है। इस वक्त भी ईशा खान चौधरी मालदा दक्षिण से सांसद हैं और अभी भी उन्हीं की परिवार की मौसम नूर जो पहले कांग्रेस फिर तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रहीं मगर चुनाव के पहले राज्यसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुईं और मालदा के मालतीपुर से चुनाव लड़ रहीं है।
एक दूसरे पर सीधा हमला
कांग्रेस जिस तीसरे इलाके पर फोकस कर रही है वो है मुर्शिदाबाद जहां के बहरमपुर से इस बार बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। बंगाल में कांग्रेस अधीर रंजन चौधरी के नाम से जानी जाती रही है जो 1999 से 2024 तक लगातार सांसद रहे मगर 2024 में युसुफ पठान से हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस बंगाल मे 20 साल बाद अकेले चुनाव लड़ रही है और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। इसी लिए राहुल गांधी ने इन्हीं जगहों को अपनी मीटिंग के लिए चुना।
राहुल गांधी ने कई बार हुए ममता पर हमलावर
राहुल गांधी ने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार फैला है। शारदा जैसे स्कैम हुए बेरोजगारी स्कैम जिसमें टीएमसी नौकरी खा गई। यहां गुंडा टैक्स चलता है। ये टीएमसी है। यदि आप टीएमसी के किसी नेता को नहीं जानते तो आपका कोई काम नहीं होगा। आप अपने घर में मरम्मत भी बिना टीएमसी के गुंडे के मर्जी के नहीं करवा सकते। राहुल गांधी अपनी में कहते हैं कि टीएमसी सिंडिकेट बंगाल को चलाता है। 84 लाख युवा बेरोजगारी भत्ता का फार्म भर रहे हैं। मतलब यहां कितनी बेरोजगारी है।
बता दें कि पहले यह कांग्रेस का गढ़ होता था और अधीर रंजन चौधरी यहां से लोकसभा का चुनाव जीतते थे। पिछले लोकसभा चुनाव अधीर हार गए और अब विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। यहीं पर ओवैसी घूम रहे हैं और यहीं पर हुमायूं कबीर भी हैं। हालांकि ओवैसी ने उनसे अपना गठबंधन तोड़ लिया है। मुर्शिदाबाद में 60 फीसदी आबादी मुस्लिम है और एसआईआर में नाम भी सबसे ज्यादा यहीं कटे हैं यही हाल मालदा का है जहां 50 फीसदी आबादी मुस्लिम है। कांग्रेस यहीं जोर लगा रही है और यदि कांग्रेस यहां अच्छा करती है तो ममता बनर्जी को नुकसान होगा। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि किसका कितना नुकसान होगा ये हमें नहीं देखना, हमें तो अपने पार्टी को मजबूत करना है, हमें अपने आप को मजबूत करना है।