एक ओर अक्षय तृतीया वाले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा की तैयारियां शुरू होने वाली हैं लेकिन उससे ठीक पहले श्री जगन्नाथ मंदिर में एक असामान्य घटना घटी। शुक्रवार की सुबह ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु को महास्नान करवाना पड़ा। पर ऐसा क्यों करना पड़ गया?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जगन्नाथ मंदिर में मंगला आरती के ठीक बाद भीतरकाठ के पास मंदिर के कुछ सेवायतों ने रक्त के कुछ छींटे देखें। इसके बाद ही मंदिर में कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन को कुछ देर के लिए रोक देना पड़ा। बाद में सभी नीतियों व रीतियों के साथ महाप्रभु के महास्नान को विधि-विधान से संपन्न करवाया गया। इस दौरान आम भक्तों के लिए मंदिर में प्रवेश को बंद रखा गया था।
बता दें, महास्नान एक सख्त नियम है जिस दौरान सिर्फ निर्धारित सेवायतों को ही मंदिर के अंदर मौजूद रहने की अनुमति होती है और अन्य के प्रवेश को पूरी तरह से रोक दिया जाता है। इस घटना को बेहद गंभीर माना जाता है।
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार महास्नान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मंदिर प्रशासन ने स्थिति सामान्य होने की पुष्टि की। इसके बाद ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को फिर से खोल दिया गया। हालांकि इस घटना की वजह से श्रद्धालु थोड़ी देर के लिए चिंतित जरूर नजर आएं लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि सभी रीतियों-नीतियों को विधिवत पूरा कर लिया गया है और अब मंदिर खोलने में कोई समस्या नहीं है।