महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि ये महिला आरक्षण बिल है ही नहीं, ये भारत का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ये बिल जब साल 2023 में इसी सदन में पास हो गया था, तो फिर अब तक क्यों लटका हुआ था। राहुल गांधी ने कहा, "देश में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं। हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया। अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई।"
दादी से मिली जीवन की सीख- राहुल गांधी
महिला आरक्षण पर लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने बचपन का एक निजी और भावुक प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में उन्हें अंधेरे से बहुत डर लगता था और यह डर उन्हें और उनकी बहन प्रियंका गांधी को लंबे समय तक परेशान करता रहा।
राहुल गांधी ने सदन में बताया कि उनके घर के पास एक बड़ा कुत्ता था, जो उन पर और उनकी बहन पर कई बार हमला करता था। इस वजह से वे रात के समय बगीचे की ओर जाने से डरते थे। जब इस डर के बारे में उनकी दादी को पता चला, तो उन्होंने उन्हें एक ऐसी सीख दी जो आज भी उनके साथ है।
दादी से मिली जीवन की सीख
राहुल गांधी ने बताया कि उनकी दादी पीले रंग की साड़ी पहने उनके पास आईं। राहुल ने कहा, 'मैं बेहद डरा हुआ था, मेरे पैर कांप रहे थे। दादी ने मुझसे पूछा कि तुम किससे डर रहे हो ? मैंने कहा- सांप से, कुत्तों से और कई चीज़ों से।'
उन्होंने बताया कि तब उनकी दादी ने उनसे कहा, 'तुम इन चीज़ों से नहीं डर रहे, बल्कि अपने दिमाग से डर रहे हो। तुम जिस कल्पना को सच मान बैठे हो, वही तुम्हें डरा रही है। अंधेरे से मत डरो, क्योंकि अक्सर सच्चाई अंधकार में ही छुपी होती है।'