आखिर कौन है वह 'धुरंधर' जो चुन-चुनकर भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को पाकिस्तान में अपना निशाना बना रहा है? प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार अज्ञात बंदूकधारियों की गोली का शिकार आमिर हमज़ा बना है। बताया जाता है कि लाहौर में एक न्यूज चैनल के ऑफिस के बाहर काफी करीब से उसपर गोलियां बरसायी गयी।
गंभीर हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। कौन है आमिर हमजा? और किसने किया उसपर हमला?
कौन है आमिर हमजा?
मिली जानकारी के अनुसार आमिर हमजा ने हाफिज सईद के साथ मिलकर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। उसका नाम कई आतंकवादी गतिविधियों, जिसमें भारत में हुए कई हमले भी शामिल हैं, में जुड़ा रहा है। बताया जाता है कि लश्कर की मैगजीन 'मजल्लाह अल-दावा' के फाउंडिंग एडिटर के तौर पर उसने काम किया था। वह कई प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूचियों में शामिल रहा है।
कौन आतंकवादियों को बना रहा निशाना?
पिछले कुछ सालों के दौरान पाकिस्तान में बड़े आतंकवादियों को अज्ञात हमलावर द्वारा निशाना बनाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। आमतौर पर ये हमलावर बाइक पर सवार होकर आते हैं और बेहद करीब से हमले को अंजाम देते हैं।
Times Now की मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावों के मुताबिक इन अज्ञात हमलावरों का मुख्य निशाना ऐसे लोग होते हैं जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे भारत विरोधी आतंकी संगठनों से जुड़े होते हैं। ऐसे कई आतंकियों को निशाना भी बनाया जा चुका है जो जम्मू-कश्मीर और भारत के दूसरे हिस्सों में हुए हमलों में कथित तौर पर वॉन्टेड रहे हैं।
पिछले कुछ सालों में जिन्हें बनाया गया निशाना
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य जहूर मिस्त्री। वह 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के 5 हाइजैकर्स में शामिल था। 1 मार्च 2022 को कराची में कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे करीब से गोली मारी गयी थी और किसी भी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली।
लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य अबू सैफुल्लाह खालिद एक सीनियर कमांडर और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी थी। भारत में 2005 में IISc बेंगलुरु में हमला, 2006 में नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर हमला, 2008 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमले में वह शामिल था। 18 मई 2025 को पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बादिन जिले में उसे गोलियों से भून डाला गया। उसे उसके घर के सामने ही अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
लश्कर-ए-तैयबा का एक और सीनियर कमांडल अबू कासिम कश्मीरी मूल रूप से भारत के जम्मू का रहने वाला था। 2023 में ढांगरी हमले की साजिश रचने का आरोप उसपर था। 8 सितंबर 2023 को रावलकोट में मस्जिद में नमाज पढ़ते समय उसकी हत्या कर दी गयी।
इसके अलावा और भी कई आतंकी हैं जो भारत के खिलाफ साजिशों में शामिल रहे हैं उनकी हत्या गोली मारकर अथवा चाकू से गोदकर कर दी गयी और मारने वाला अज्ञात ही रहा और न ही इन हत्याओं की किसी आतंकी संगठनों ने जिम्मेदारी ली।