तिरुवनंतपुरम: पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के चलते केरल सरकार ने खाड़ी देशों में आयोजित होने वाली एसएसएलसी (कक्षा 10) और प्लस टू (कक्षा 12) की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
रिजल्ट वैकल्पिक आधार पर तैयार होगा
मंत्री के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में एसएसएलसी परीक्षा नहीं दे पाए 633 छात्रों के परिणाम उनके मॉडल या टर्म परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें कुछ प्रतिशत ग्रेस मार्क्स भी दिए जाएंगे, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।
प्लस टू छात्रों के लिए अलग व्यवस्था
वहीं, दूसरे वर्ष की उच्च माध्यमिक (प्लस टू) परीक्षा देने वाले 592 छात्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। उनके पहले वर्ष के अंक दूसरे वर्ष में जोड़ दिए जाएंगे, साथ ही दूसरे वर्ष के कंटीन्युअस इवैल्यूएशन (सीई) और प्रैक्टिकल के अंक भी शामिल किए जाएंगे।
खाड़ी में फंसे अन्य छात्रों को भी मिलेगा लाभ
मंत्री ने स्पष्ट किया कि केरल से किसी भी कारण से खाड़ी गए और वहीं फंसे छात्र भी इन सुविधाओं के पात्र होंगे। हालांकि इसके लिए उनके स्कूल प्रिंसिपल द्वारा हॉल टिकट, वीजा और पासपोर्ट की जांच के बाद प्रमाणित किया जाएगा कि उन्होंने वहां रहते हुए परीक्षाएं नहीं दीं।
असंतुष्ट छात्रों के लिए सुधार परीक्षा का विकल्प
यदि एसएसएलसी या प्लस टू के छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उन्हें बाद में आयोजित होने वाली इम्प्रूवमेंट परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।
मई में घोषित होंगे परिणाम
मंत्री ने बताया कि एसएसएलसी के नतीजे मई के तीसरे सप्ताह में घोषित किए जाने की संभावना है, जबकि प्लस टू के दूसरे वर्ष के परिणाम 25 मई के आसपास जारी किए जा सकते हैं।
सतत मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि स्कूलों में सतत मूल्यांकन प्रणाली (सीई) से जुड़े शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने माना कि कई बार शिक्षक इस प्रणाली के उद्देश्य को पूरी तरह समझे बिना अंक दे देते हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मूल्यांकन अंक स्कूल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है और संबंधित शिकायतों की जांच स्कूल स्तर की निगरानी समिति करेगी।
कमजोर छात्रों के लिए विशेष अध्ययन कार्यक्रम
इसके अलावा, कक्षा 5 से 9 तक के उन छात्रों के लिए विशेष अध्ययन सहायता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिन्हें लिखित परीक्षा में 30 प्रतिशत से कम अंक मिले हैं। इस कार्यक्रम के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और इसे 20 से 27 अप्रैल 2026 के बीच सरकारी स्कूलों में चलाया जाएगा। इसके बाद स्कूल स्तर पर विशेष परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी और उसके आधार पर प्रमोशन सूची जारी की जाएगी।