कलकत्ता यूनिवर्सिटी (Calcutta University) का दिक्षांत समारोह सोमवार (23 मार्च) को आयोजित किया गया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के आचार्य व राज्यपाल आर. एन. रवि ने संबोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2047 तक भारत एक बार फिर से दुनिया के शीर्ष पर होगा।
दिक्षांत समारोह में स्नातक की डिग्री पाने वाले और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उस दिन (15 अगस्त 2047) खुद से पूछना कि मैंने इस देश के लिए क्या किया, क्या मैं इस सफर का हिस्सा रहा? हमारा देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इस यूनिवर्सिटी की समृद्ध विरासत रही है, ने इस सफर महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
राज्यपाल ने बंगाल को बंकिम चंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ टैगोर की धरती के तौर पर व्याख्या की जिन्होंने देश का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन की रचना की थी। राज्यपाल ने कहा कि बंगाल स्वामी विवेकानंद की धरती है जिनके शिकागो में दिए गए भाषण ने पश्चिमी देशों के बीच भारत की छवि को सुधारा और उन्हें देश की समृद्ध अध्यात्म और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जागरूक किया।
राज्यपाल रवि ने अपने संबोधन में कहा कि जिस समय अमेरिका और इंग्लैंड का अस्तित्व भी नहीं था उस समय भारत लगभग 2000 सालों तक शक्ति का केंद्र था।
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि भारत अब रोबोटिक्स और मशीनों की दुनिया में विश्व का अग्रणी बनता जा रहा है। भारत को मजबूत बनना होगा और आत्मनिर्भर भी। इसमें आप सबकी (युवाओं) भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन योगाभ्यास करने की सलाह देते हुए कहा कि योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा, 'देखों मैं सालों से योगाभ्यास कर रहा हूं।'
गौरतलब है कि लगभग 6 सालों बाद कलकत्ता यूनिवर्सिटी के कॉलेज स्ट्रीट परिसर में दिक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह के दौरान लगभग 1100 शोधार्थियों जिन्होंने 2024 से 2026 के बीच अपनी डॉक्टोरेट की डिग्री पूरी कर ली है, उन्हें डिग्री प्रदान की गयी।
इस मौके पर विशेष अतिथि के तौर पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती भी मौजूद थे। प्रसिद्ध वैज्ञानिक विजय पांडुरंग भटकर को DSc की मानद उपाधि, शिक्षाविद रंजीत दास को DLitt की मानद उपाधि और क्रिस्ट यूनिवर्सिटी के पूर्व उपाचार्य फादर थॉमस चाटमपरामपिल को DLitt की मानद उपाधि दी गयी।