जोरहाटः असम विधानसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से उतारकर मुकाबले को खासा दिलचस्प बना दिया है। गोगोई ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर अपने पहले विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत की।
नामांकन से पहले उन्होंने जोरहाट के विभिन्न धार्मिक स्थलों-गुरुद्वारा, बुढ़ी गोसाईं मंदिर, माचरहाट नामघर, तराजन मस्जिद और जेल रोड चर्च में जाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपने पारिवारिक आवास ‘नजीर अली’ में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पिता तरुण गोगोई को श्रद्धांजलि दी।
रैली में दिखी विपक्षी एकजुटता
नामांकन से पहले जोरहाट स्टेडियम से एक बड़ी रैली निकाली गई, जिसमें कांग्रेस के साथ छह दलों के विपक्षी गठबंधन के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। करीब तीन घंटे चली यह रैली जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई, जहां गोगोई ने नामांकन दाखिल किया। इसे विपक्षी एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
‘राजनीति को साफ करने का मौका’
नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में गौरव गोगोई ने कहा कि यह चुनाव राज्य की राजनीति को “साफ करने का अवसर” है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति का स्तर गिरा है।
महिलाओं के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए महिलाओं को पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है, जो गलत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
असम चुनाव में कड़ा मुकाबला तय
जोरहाट सीट पर गौरव गोगोई का मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से होगा, जो इस सीट से पांच बार जीत चुके हैं। ऐसे में यह चुनाव अनुभव बनाम नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
ऊपरी असम की यह सीट बेहद अहम मानी जाती है। गौरव गोगोई पहले से ही 2024 में जीती गई जोरहाट लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कांग्रेस ने उन्हें राज्य का प्रमुख चेहरा बनाया है, जिससे यह मुकाबला और भी महत्वपूर्ण हो गया है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। कांग्रेस ने अब तक 88 उम्मीदवार घोषित किए हैं और विपक्षी गठबंधन भाजपा-नीत सरकार को चुनौती दे रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा प्रमुख चेहरा हैं।
गौरव गोगोई के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत को आगे बढ़ाने की परीक्षा भी माना जा रहा है।