कोलकाता : भारत के टी-20 विश्व कप जीतने के बाद जिन बातों पर चर्चा हुई उनमें से एक था गौतम गंभीर की मुस्कान। फाइनल में भारत के चैंपियन बनने के बाद डग-आउट में उन्हें मुस्कुराते हुए देखा गया जो कि लगभग एक दुर्लभ दृश्य था क्योंकि भारतीय टीम के हेड कोच को ज्यादातर समय गंभीर ही देखा जाता है। आक्रामक जश्न, पत्रकारों को कड़े जवाब, बिना लाग-लपेट के बात करना ये सब मानो गौतम गंभीर की पहचान बन गए हैं। अब इस मुद्दे पर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अपनी राय रखी है और गंभीर को खास सलाह भी दी है।
गंभीर को क्या सलाह दी सौरव ने?
एक समय भारतीय टीम में गंभीर के साथ खेल चुके सौरव ने अपने अनुभव से बताया कि गंभीर दरअसल एक बड़े प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी हैं और सफलता के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।
इस मानसिकता पर सौरव ने कहा कि गंभीर शायद गुस्सैल हैं बदमिजाज हैं लेकिन उससे भी ज्यादा वह एक प्रतियोगी हैं। मैंने उनके साथ खेला है वह हमेशा जीतना चाहते हैं। हालांकि इतना ज्यादा गुस्सैल न भी हों तो चलेगा। मैं यह भी जानता हूं कि गौतम एक अच्छे इंसान हैं। टीम के लिए जो जरूरी होता है वह साफ-साफ कहते हैं और टीम व खिलाड़ियों के बीच वैसा ही माहौल बनाना चाहते हैं।
टेस्ट क्रिकेट में सुधार की सलाह
सीमित ओवरों के क्रिकेट में गौतम गंभीर के कोच रहते हुए भारतीय टीम ने कई सफलताएं हासिल की हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में तस्वीर अलग है। लाल गेंद के क्रिकेट में टीम इंडिया संघर्ष करती नजर आई है और घरेलू मैदान पर भी कई सीरीज हारनी पड़ी हैं।
इस मुद्दे पर भी सौरव ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अच्छी पिचों पर खेलकर सफलता हासिल करनी होगी। साथ ही टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी सुधारने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सौरव ने कहा कि भारत में टीम हमेशा टर्निंग विकेट पर खेलती है लेकिन इंग्लैंड में वैसी पिच न होने के बावजूद सफलता मिली है। इसलिए कोच के तौर पर पिच को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। विदेशी जमीन पर जहां उछाल वाली पिच होती है वहां बल्लेबाजों को दिक्कत होती है। इसका समाधान भी ढूंढना होगा।