(BCB) को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व बोर्ड सचिव और ACC के पूर्व CEO तथा पूर्व BCB सचिव सैयद अशराफुल हक ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर सरकार कड़ा कदम उठाती है, तो ICC की तरफ से BCB की रक्षा करना संभव नहीं है। उनके अनुसार, BCB मूलतः राष्ट्रीय खेल परिषद (NSC) के अधीन आता है, इसलिए अंतिम निर्णय लेने की शक्ति वहीं है।
इससे पहले, बांग्लादेश के खेल मंत्री अमिनुल हक ने बताया था कि NSC या सरकार किसी भी स्थिति में एकतरफा निर्णय नहीं लेंगे। सभी रिपोर्टों की जांच करने के बाद ICC के साथ चर्चा करके ही अगले कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अतीत में भी BCB के चुनाव में सरकारी हस्तक्षेप का मामला ज्ञात था, लेकिन ICC के साथ चर्चा के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
NSC के पास बोर्ड को भंग करने का पावर
आशरफुल हक ने बताया, कानून के अनुसार NSC चाहें तो BCB को भंग कर सकता है। उन्होंने कहा, 'यह एक तरह की दबाव बनाने की रणनीति है, जिसमें कहा जा रहा है कि ICC से संपर्क किया गया है, ताकि वे सुरक्षित रहे।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'वर्तमान बोर्ड द्वारा ICC के पास शिकायत करना कुछ हद तक हास्यप्रद है। अगर BCB सही तरीके से क्रिकेट का संचालन नहीं कर सकती, तो NSC को बोर्ड को भंग करने का अधिकार है—यह कानून में स्पष्ट रूप से लिखा है।'
चुनाव में अनियमितताओं का आरोप
उन्होंने दावा किया कि अमीनुल इस्लाम के अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया में कुछ गंभीर असंगतियों के प्रमाण हैं। परिणामस्वरूप BCB अब NSC और खेल मंत्रालय की प्रत्यक्ष निगरानी में आ सकता है, जो बोर्ड के लिए बड़े खतरे का संकेत है। सरकार ने पहले ही जांच शुरू कर दी है, जिसमें 'अनियमितता, घोटाला और सत्ता के दुरुपयोग' के आरोपों की जांच की जा रही है।
ICC हस्तक्षेप नहीं करेगा
ICC की भूमिका के बारे में अशरफुल हक कहते हैं, अगर NSC कड़ा फैसला लेता है, तो ICC के पास कुछ करने के लिए नहीं होगा। वे कहते हैं, 'ICC आपत्ति नहीं उठा सकता, क्योंकि BCB के संविधान में ही इन मामलों का उल्लेख है और ICC उसी संविधान का पालन करता है। लोकतांत्रिक चुनावों के लिए कुछ दिशानिर्देश हो सकते हैं, लेकिन वे अनिवार्य नहीं हैं।'
वे आगे कहते हैं, 'हम ICC के अधीन हैं, फिर भी उससे पहले हम NSC के अधीन हैं, जो हमारा मूल संगठन है। संविधान का पालन किया जाए तो ICC आमतौर पर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता।' अंत में वे जोड़ते हैं, 'ICC हमारा नियंत्रक नहीं है, वे सहयोगी और मित्र हैं। वे संविधान का पालन करेंगे।'