नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि देश के भविष्य यानी बच्चों को पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक आसान पहुंच मिलना बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार को अक्षय पात्र फाउंडेशन (Akshaya Patra Foundation) द्वारा 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से पांच अरबवां भोजन भी परोसा और बच्चों को अपने हाथों से भोजन कराया।
समाज की साझी जिम्मेदारी पर जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि जब शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्थाएं, कॉर्पोरेट सेक्टर और समाज के सभी वर्ग मिलकर काम करते हैं, तभी आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत आधार तैयार होता है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, पौष्टिक आहार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, क्योंकि यही तत्व उनके समग्र विकास की नींव रखते हैं।
शिक्षा: सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम
मुर्मू ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में अवसरों का निर्धारण करती है और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन की चुनौतियों से निपटने और जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता भी प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति ने अक्षय पात्र फाउंडेशन की 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से यह संस्था बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभा रही है।
बच्चों और महिलाओं के पोषण पर कई योजनाएं
राष्ट्रपति ने बताया कि भारत सरकार ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN) का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों में मिलने वाला मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करता है। इससे नामांकन, उपस्थिति और बच्चों की पढ़ाई के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में अहम कदम
कार्यक्रम की थीम- “पोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत”-पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज बच्चों को दिया जा रहा पोषण, देश की मानव पूंजी (Human Capital) में निवेश है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे ही भविष्य में देश की कार्यशक्ति बनेंगे और 2047 तक ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अक्षय पात्र का विस्तार लक्ष्य
अक्षय पात्र फाउंडेशन, जो PM POSHAN (प्रधानमंत्री पोषण योजना / PM POSHAN) का कार्यान्वयन भागीदार है, वर्तमान में देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 आधुनिक रसोईघरों के माध्यम से 2.35 मिलियन बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 3 मिलियन बच्चों तक पहुंच बनाना है।