दुबईः पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजराइल ने दावा किया है कि उसने एक हवाई हमले में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी को मार गिराया है। साथ ही रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्वयंसेवी बसीज फोर्स के प्रमुख जनरल गुलाम रज़ा सुलेमानी के भी मारे जाने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की अभी तक ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि नहीं की है।
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा में ड्रोन हमले के कारण एक तेल भंडारण केंद्र में आग लगने की खबर सामने आई है। स्थानीय एजेंसी के अनुसार इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। इजराइली सेना ने तेहरान और बेरूत में नए हमले शुरू करने की भी जानकारी दी है। बेरूत में हमलों का निशाना हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकाने बताए गए हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं, हालांकि उन्होंने कुछ देशों के रुख पर सवाल भी उठाए।
बढ़ता संघर्ष और नुकसान
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार अब तक इस संघर्ष में ईरान में करीब 1300, लेबनान में 850 और इजराइल में 12 लोगों की मौत की खबर है। वहीं अमेरिकी सेना के अनुसार उसके 13 सैनिक मारे गए हैं और लगभग 200 घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों में हमलों का असर
कतर की राजधानी दोहा में हवाई रक्षा प्रणाली को सक्रिय होते हुए देखा गया, जहां मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई। यूएई का कहना है कि ईरान की ओर से दागे गए 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और 45 ड्रोन को निष्क्रिय किया गया। फुजैरा के पास एक तेल टैंकर को भी गिरते मलबे से हल्का नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अल्बानिया की संसद ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है। साथ ही ईरान को आतंकवाद का समर्थक देश भी बताया गया है। रेड क्रॉस ने चेतावनी दी है कि आम नागरिक इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। संगठन के अनुसार तेहरान में सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और स्कूलों व अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है।
गाजा और कुवैत में घटनाएं
गाजा पट्टी में इजराइली हमले में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत और 12 के घायल होने की खबर है। वहीं कुवैत में एक एंबुलेंस केंद्र पर गिरे मलबे से दो स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं।
त्योहार से पहले तनाव
ईरान में ‘चहारशंबे सूरी’ (आग का त्योहार) से ठीक पहले यह घटनाएं सामने आई हैं। इस त्योहार के दौरान लोग आग जलाकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाते हैं। हालांकि, सरकार ने सुरक्षा कारणों से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हमलों की तीव्रता बढ़ने से हालात और जटिल होते जा रहे हैं, जबकि आम नागरिकों पर इसका असर लगातार गहराता जा रहा है।