मथुरा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 21 मार्च तक तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे अयोध्या, मथुरा और वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगी। वे अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन करेंगी और वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलेंगी। यह उनका वृंदावन का दूसरा दौरा है और वे वृंदावन आने वाली तीसरी राष्ट्रपति होंगी।
अयोध्या में राम मंदिर दर्शन
19 मार्च को राष्ट्रपति सबसे पहले अयोध्या पहुंचेंगी। यहां वे राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी और श्रीराम यंत्र की स्थापना भी करेंगी। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से वृंदावन पहुंचेंगी। शाम को होटल पहुंचने के बाद वे इस्कॉन मंदिर वृंदावन जाकर भगवान कृष्ण-बलराम, राधा-कृष्ण और निताई-गौर के दर्शन करेंगी।
प्रेम मंदिर में आरती
इस्कॉन मंदिर के बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर वृंदावन जाएंगी। सफेद इटैलियन पत्थरों से बना यह भव्य मंदिर अपनी सुंदरता और रोशनी के लिए प्रसिद्ध है। यहां वे भगवान की आरती में शामिल होंगी।
संत प्रेमानंद महाराज से भेंट
20 मार्च की सुबह राष्ट्रपति प्रेमानंद महाराज से मिलने रमण रेती स्थित आश्रम पहुंचेंगी। वहां वे संत के दर्शन करेंगी और उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त माने जाते हैं और उनके लाखों अनुयायी हैं।
नीब करौरी आश्रम में श्रद्धांजलि
इसके बाद राष्ट्रपति नीब करौरी बाबा के आश्रम जाएंगी, जहां वे उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी और हनुमान जी के दर्शन करेंगी।
प्रशासन की तैयारियां तेज
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए गिरिराज तलहटी और परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया गया है। सड़क किनारे की अस्थायी दुकानों को हटाया जा रहा है और क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
सड़कों की हालत पर सवाल
हालांकि परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अभी अधूरी है, जिससे आवागमन में परेशानी हो सकती है।
बंदरों से निपटने की अनोखी तैयारी
वृंदावन में बंदरों की शरारतें भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंदरों को दूर रखने के लिए लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों की मदद ली जाएगी, ताकि दौरा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।