जयपुरः गुलाबी नगरी के चित्रकूट इलाके में पुलिस ने एक ऐसी गैंग का पर्दाफाश किया है जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। चित्रकूट थाना पुलिस ने 200 फीट बाईपास पर दबिश देकर 8 ऐसे पुरुषों को गिरफ्तार किया है जो महिला किन्नर का वेश धारण कर अवैध वसूली कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि इस खेल में एक असली महिला किन्नर भी इन पुरुषों का साथ दे रही थी।
लंबे समय से मिल रही थी शिकायत
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) हनुमान प्रसाद ने बताया कि 200 फीट बाईपास और स्लिप लेन इलाके में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग किन्नर बनकर वाहन चालकों को परेशान कर रहे हैं। ये लोग न केवल अनुचित राशि की मांग करते थे, बल्कि पैसे न देने पर बदसलूकी और झगड़े पर उतारू हो जाते थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी प्रभु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
पड़ोसी राज्यों के रहने वाले हैं लोग
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां माही सैनी नाम की एक महिला किन्नर के साथ 8 युवक मिले। ये सभी युवक साड़ी पहनकर और महिला किन्नर का वेश धारण कर रेड लाइट पर वाहनों को रोक रहे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी को धारा 126/170 BNSS के तहत गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
इन आरोपियों को किया गिरफ्तार:-
माही सैनी (महिला किन्नर, मुख्य सहयोगी - निवासी मथुरा)
चाल उर्फ शैलेंद्र (निवासी ग्वालियर)
मोनू कोरी (निवासी ग्वालियर)
सूरज अरोरा उर्फ संजना (निवासी हाथरस)
प्रतीक जाटव उर्फ रवि (निवासी मुरैना)
योगेंद्र सिंह उर्फ छोटी (निवासी हाथरस)
भागचंद खटीक उर्फ वृन्दा (निवासी अजमेर)
वेदप्रकाश (निवासी बीकानेर)
रामावतार उर्फ रानी (निवासी चंदौली)
पुलिस फिलहाल इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि वे कब से इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे थे और उनके साथ और कितने लोग शामिल हैं।