गांधीनगर : गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC)के कार्यान्वयन के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी। यह रिपोर्ट मंगलवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपी गई। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी मिली है।
यह रिपोर्ट सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार की है। रिपोर्ट तैयार करने से पहले समिति ने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया, जनमत एकत्र किया और व्यापक सार्वजनिक परामर्श किया।
इस समिति में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सी.एल. मीणा, वरिष्ठ अधिवक्ता आर.सी. कोडेकर, पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपते समय प्रस्तुति में बताया गया कि समिति ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा प्रस्तावित किया है।
इस मसौदे में विशेष रूप से महिलाओं के समान अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को भी ध्यान में रखा गया है।
मुख्यमंत्री को तीन खंडों में रिपोर्ट सौंपते समय कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। उनमें समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, समिति के सलाहकार और उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, समिति के अन्य सदस्य, मुख्य सचिव एम.के. दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अतिरिक्त प्रधान सचिव विक्रांत पांडे, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग के सचिव के.एम. लाला, विधि सचिव उपेंद्र भट्ट शामिल थे।