नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव 2026 में बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुल 11 सीटों पर हुए मतदान के नतीजों ने राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। इन चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 9 सीटों पर जीत हासिल कर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा। इन्हें मिलाकर के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के अंतिम नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि 11 सीटों पर मतदान के जरिए परिणाम तय हुए। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं विपक्ष को 15 सीटें मिलीं। इनमें भाजपा के खाते में 13 सीटें आईं, जबकि उसके सहयोगी दलों ने मिलकर 9 सीटें हासिल कीं। वहीं, विपक्ष की 15 सीटों में कांग्रेस को 6, तृणमूल कांग्रेस को 4, डीएमके को 3, शरद पवार की एनसीपी को 1 और बीजेडी को 1 सीट मिली।
चुनाव परिणाम नजर में
कुल सीटें (3 राज्य): 11
NDA: 9 सीटें
कांग्रेस: 1 सीट
BJD: 1 सीट
बिहार: पांचों सीटों पर NDA का कब्जा, विपक्ष को बड़ा नुकसान
बिहार में NDA ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्षी महागठबंधन को बड़ा झटका दिया। चुनाव के दौरान विपक्ष के कुछ विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए, जिससे समीकरण पूरी तरह बदल गए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले। वहीं रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 मत प्राप्त हुए। पांचवीं सीट पर भाजपा के शिवेश राम ने दूसरी वरीयता के मतों के आधार पर जीत हासिल की।
महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग से दूर रहे, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला और विपक्ष अपनी संभावित सीट भी गंवा बैठा।
ओडिशा: क्रॉस वोटिंग ने बदला परिणाम
ओडिशा में चार सीटों पर हुए चुनाव में तीन सीटें NDA समर्थित उम्मीदवारों को मिलीं, जबकि एक सीट BJD के खाते में गई। यहां कई विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर वोट डाला, जिससे चुनाव का रुख बदल गया। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे ने दूसरी वरीयता के मतों के आधार पर जीत दर्ज की, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। मतदान के दौरान भुवनेश्वर में कुछ विधायकों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं।
हरियाणा: विवाद के बीच बराबरी का परिणाम
हरियाणा में दो सीटों पर मुकाबला कड़ा रहा और आखिरकार भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिली। मतदान के बाद वोटों की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसके कारण मतगणना में काफी देरी हुई। रात में आए परिणामों में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजयी घोषित किए गए। इस दौरान कुछ वोट रद्द किए गए, जबकि कुछ को वैध माना गया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।
चुनाव में क्या रहा निर्णायक कारण?
इन चुनावों में नतीजों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण रहे:
क्रॉस वोटिंग की घटनाएं, कुछ विधायकों का मतदान से दूर रहना और दलों की रणनीतिक तैयारी।
इन सभी कारकों का लाभ NDA को मिला, जबकि विपक्ष एकजुटता बनाए रखने में कमजोर साबित हुआ।
राज्यसभा चुनाव 2026 ने यह दिखा दिया कि चुनावी गणित के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मजबूती भी बेहद अहम होती है। जहां NDA ने बेहतर तालमेल और योजना के साथ जीत हासिल की, वहीं विपक्ष आंतरिक असंतुलन के कारण पीछे रह गया।