बेंगलुरु : कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरएसएस को देश की “सबसे भ्रष्ट संस्था” बताया। साथ ही पूछा कि इतना बड़ा संगठन होने के बावजूद यह अब तक पंजीकृत क्यों नहीं है।
मीडिया से बातचीत में खड़गे ने कहा कि आरएसएस दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक है। यह एक बड़ा और संपन्न नेटवर्क भी माना जाता है। इसके बावजूद इसका पंजीकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण सवाल है लेकिन इसका जवाब न भाजपा दे रही है और न ही आरएसएस।
खड़गे ने आरएसएस के खुद को सामाजिक संगठन बताने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर संगठन समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है तो उसे राजनीति में दिलचस्पी क्यों है। उन्होंने संगठन की फंडिंग को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस अपने 100 साल के इतिहास की बात करता है लेकिन उसे देश के लिए किए गए अपने कामों की स्पष्ट सूची देनी चाहिए। खड़गे के अनुसार संगठन अब तक अपने दस बड़े योगदान भी साफ तौर पर नहीं बता पाया है।
इधर आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने संगठन का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का तरीका भी है।
होसबाले ने बताया कि पिछले साल आरएसएस ने समाज से जुड़े पांच मुद्दों पर काम शुरू किया। इनमें सामाजिक समरसता, परिवार जागरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि देश को उपनिवेशकालीन सोच से बाहर निकलना होगा। भारतीयता और हिंदुत्व को सही तरीके से समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लिए काम करने वाले सभी लोग और संस्थाएं देशभक्त हैं। आपसी सहयोग से देश और मजबूत होगा।