नई दिल्ली : पायलटों के विश्राम के समय को लेकर देश की विमान परिवहन नियंत्रक संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के सख्त नियम है। इसी नियम के तहत पिछले दिसंबर में इंडिगो को हजारों फ्लाइट रद्द करनी पड़ी थी।
स्थिति अब बदल गई है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ईरान और इराक के आकाश में उड़ाने रोकी गई है। मजबूरन एयर इंडिया की लंबी दूरी की उड़ानें भारत से यूरोप और अमेरिका के लिए मिस्र होते हुए जा रही हैं।
कुछ लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उन्हें रोम में भी उतरना पड़ रहा है। ऐसा करते समय अतिरिक्त ईंधन तो खर्च हो ही रहा है, साथ ही बार-बार पायलटों के विश्राम संबंधी एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों में फंसना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि मुख्य रूप से घरेलू एयरलाइन होने के नाते भारत से एयर इंडिया ही यूरोप और अमेरिका के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें चलाती है।
जानकारी के अनुसार इस परिस्थिति में DGCA ने एयर इंडिया को एफडीटीएल के मामले में 30 अप्रैल तक थोड़ी छूट देने के लिए सहमति दी है। इंडिगो भी कुछ लंबी दूरी की उड़ानें चलाती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें यह सुविधा मिलेगी या नहीं।