नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने केरल, असम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान अप्रैल में होंगे और मतगणना 4 मई को कराई जाएगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक बड़े उत्सव की तरह होते हैं। उन्होंने खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं से उत्साह के साथ वोट देने की अपील की और कहा कि मतदान नागरिकों का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है, जिससे वे अपने राज्य और देश के भविष्य को दिशा देते हैं।
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी इस अवसर पर मौजूद थे। आयोग ने यह भी बताया कि चारों राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पहले ही किया जा चुका है और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इसके अलावा आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की है, जो संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत आयोग को प्राप्त अधिकारों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की कुल 824 सीटों के लिए मतदान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराया जाएगा और 4 मई को मतगणना होगी। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता का पालन करने और किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रलोभन से दूर रहने की अपील की है।
चुनाव की तिथियां एक नजर में
असम – 9 अप्रैल
केरल – 9 अप्रैल
पुडुचेरी – 9 अप्रैल
तमिलनाडु – 23 अप्रैल
पश्चिम बंगाल– दो चरण में मतदान-23 अप्रैल और 29 अप्रैल
पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस 2011 से राज्य की सत्ता में है।
असम
असम में विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल को कराया जाएगा। यहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। राज्य में भाजपा 2016 से सत्ता में है और हिमंत बिस्वा सरमा 2021 से मुख्यमंत्री हैं।
केरल
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए भी मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। यहां मुख्य मुकाबला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी चुनावी मैदान में है और करीब 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहा है, जबकि उसके सहयोगी भारत धर्म जन सेना और ट्वेंटी-20 शेष सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। राज्य में एलडीएफ के नेता पिनराई विजयन 2016 से मुख्यमंत्री हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। राज्य में राजनीतिक दल चुनाव प्रचार तेज कर रहे हैं और अपने-अपने गठबंधनों में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे रहे हैं। राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता एम. के. स्टालिन मई 2021 से मुख्यमंत्री हैं।
पुडुचेरी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 16वीं विधानसभा की सभी 30 सीटों के लिए भी मतदान 9 अप्रैल को कराया जाएगा। यहां कांग्रेस, डीएमके और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। वहीं विपक्षी पक्ष में अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस, भाजपा और एआईएडीएमके शामिल हैं। वर्तमान में एन. रंगासामी मुख्यमंत्री हैं।