मुंबई : मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े की आधिकारिक कार पर लगी लाल-नीली फ्लैश लाइट को लेकर उठे विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने इसे हटा दिया है। बीएमसी ने रविवार को बताया कि नगर निगम के अन्य पदाधिकारियों को आवंटित वाहनों से भी ऐसी लाइटें हटा दी गई हैं।
दरअसल पिछले महीने मेयर पद संभालने के बाद ऋतु तावड़े को एक मल्टी-पर्पज वाहन उपलब्ध कराया गया था। इस वाहन पर लाल और नीली फ्लैश लाइट लगी हुई थी जिस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे थे। कई लोगों ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए “वीआईपी कल्चर” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। इसी सप्ताह मेयर की कार से फ्लैश लाइट हटा दी गई और इसकी तस्वीर भी जारी की गई। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने भी दावा किया था कि मेयर की कार और एस्कॉर्ट वाहन पर अनधिकृत रूप से लाल-पीली लाइट का उपयोग किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ऐसी लाइटों का इस्तेमाल केवल आपातकालीन सेवाओं के वाहनों तक सीमित है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर मेयर को घेरा। पूर्व मेयर और विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने सवाल उठाया कि क्या लाल बत्ती का आकर्षण छोड़ा नहीं जा सका। इस विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेयर की कोई गलती नहीं है और राज्य में पहले ही लाल बत्ती के उपयोग पर रोक का निर्णय लिया जा चुका है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2017 में नियमों में संशोधन कर अधिकांश वीआईपी वाहनों पर लाल या अन्य रंग की बीकन लाइट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।