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क्या ममता बनर्जी ने किया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन? चुनाव आयोग ने क्या बताया?

विधानसभा चुनाव की घोषणा से महज कुछ घंटे पहले हुई यह घोषणा क्या चुनाव के आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से कुछ घंटों पहले ही राज्य सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता (DA) को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकारी कर्मचारियों के बकाया 25 प्रतिशत DA मार्च में ही दे दिया जाएगा। विधानसभा चुनाव की घोषणा से महज कुछ घंटे पहले हुई यह घोषणा क्या चुनाव के आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है?

चुनाव आयोग ने क्या बताया?

दिल्ली के विज्ञान भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की घोषणा की। इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से यह सवाल पूछा गया। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा के लिए आयोजित संवाददता सम्मेलन के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होती है।

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इससे पहले अगर राज्य कोई फैसला या घोषणा करता है तो उसे वैध ही माना जाएगा। इसलिए ममता बनर्जी की यह घोषणा आचार संहिता का उल्लंघन नहीं मानी जाएगी।

गौरतलब है कि आदर्श आचार संहिता के लागू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के पुरोहितों व मौलवियों का मासिक भत्ता ₹500 बढ़ाने के साथ-साथ बकाया DA देने की घोषणा भी की। इस बारे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि कई लोग कह रहे हैं कि उन्होंने मास्टरस्ट्रोक दिया है।

एक समुदाय से दूसरे समुदाय को बर्बाद करने की धमकी देकर वह चुनाव करवाना चाहती हैं। जनता इसका जवाब देगी। विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि वास्तव में एक रुपया भी नहीं दिया जाएगा। इस घोषणा की कोई स्वीकार्यता नहीं है। किसी कोष का गठन नहीं किया गया है। कुछ काम नहीं होगा। आखिरी बार के लिए जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश की जा रही है।

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