देश के 3 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्य में 2 चरणों में मतदाना होगा और 4 मई को मतगणना होगी। माना जा रहा है कि इस बार का चुनाव पिछले 3 बार से राज्य की सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस के लिए आसान नहीं होने वाला है।
राज्य में तृणमूल की मुख्य विरोधी पार्टी भाजपा है जिसने उम्मीदवारों को लेकर मंथन करना भी शुरू कर दिया है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा के आवास पर हुई भाजपा की केंद्रीय कमेटी की बैठक में कई उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया है।
PTI की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों में भाजपा का अगर विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन देखा जाए तो साल 2011 में पार्टी को जहां मात्र 4 प्रतिशत वोटों से ही संतोष करना पड़ा था तो 2021 के चुनाव में यह आंकड़ा 38 प्रतिशत से ऊपर चला गया था। वर्तमान में पश्चिम बंगाल से भाजपा के 12 सांसद और 65 विधायक हैं।
कौन से वो चेहरे हैं जो चुनावी मैदान में बन सकते हैं बड़ा दांव?
दिलीप घोष - पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके दिलीप घोष ने बंगाल में भाजपा को पैर जमाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। आरएसएस के प्रचारक दिलीप घोष ने पार्टी को साल 2015 से 2021 के बीच चुनावों में अच्छी बढ़त दिलायी थी। मिदनापुर से वह सांसद भी चुने गए थे। हालांकि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उनके सामने चुनौतियां आ गयी थी जब उन्हें मिदनापुर से बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था।
इसके बाद उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा था। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के साथ उनकी अनबन की खबरें भी सूर्खियों में छा गयी थी। दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनके मिलने को लेकर काफी आलोचनाएं की गयी थी। शमिक भट्टाचार्य को जब प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तो कई सालों तक उन्हें साइड लाइन भी करने का आरोप उठा। हालांकि बाद में उन्हें सॉल्टलेक ऑफिस में न सिर्फ अलग कमरा मिला बल्कि पार्टी में खोई हुई पुरानी जगह भी मिली।
शुभेंदु अधिकारी - विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी विधानसभा चुनाव में जाना-पहचाना नाम हैं। भाजपा में उन्हें अमित शाह का करीबी माना जाता है। पिछली बार के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से विधायक चुने गए थे।
शंकर घोष - सिलीगुड़ी के विधायक और उत्तर बंगाल में भाजपा का प्रमुख चेहरा। शंकर घोष अपने भाषण कौशल की वजह से जाने जाते हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने वामपंथ को छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया और तृणमूल के उम्मीदवार ओम प्रकाश मिश्र को 35000 वोटों से हराया। माइक्रोबायोलॉजी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर चुके शंकर घोष उत्तर बंगाल में विकास के संबंध में अक्सर विभिन्न मुद्दों को उठाते रहते हैं।
अग्निमित्रा पॉल - आसनसोल दक्षिण की विधायक और भाजपा की महिला विंग का प्रमुख चेहरा। राजनीति में आने से पहले वह एक फैशन डिजाइनर थी। साल 2021 चुनाव में अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल की सायनी घोष को हराया है लेकिन साल 2022 में आसनसोल से लोकसभा उपचुनाव और साल 2024 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
रेखा पात्रा - रेखा पात्रा संदेशखाली विरोध के दौरान भाजपा का चेहरा बनी। एक गृहिणी रही रेखा पात्रा ने तृणमूल के बाहुबली नेता शेख शाहजहां के खिलाफ प्रदर्शन करके ही अपनी पहचान बनायी। साल 2024 के चुनाव में भाजपा ने बसिरहाट से रेखा पात्रा को मैदान में उतारा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें महिला शक्ति का उदाहरण बताते हुए 'शक्ति स्वरूपा' तक कहा था। हालांकि वह चुनाव हार गयी थी लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें अपने राजनीतिक प्रचारों में बनाए रखा ताकि विधानसभा चुनाव में संदेशखाली को फिर से मुद्दा बनाया जा सकें।