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चुनाव के चरण नहीं रखते मायने, भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाएंगे मतदाता : तृणमूल, विपक्ष ने किया स्वागत

भाजपा और कांग्रेस ने जहां 2 चरणों में चुनाव करवाए जाने का स्वागत किया है वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कटाक्ष किया।

By Moumita Bhattacharya

Mar 15, 2026 19:56 IST

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव करवाए जाएंगे। इसे लेकर विभिन्न पार्टियों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा और कांग्रेस ने जहां 2 चरणों में चुनाव करवाए जाने का स्वागत किया है वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने चरणों की संख्या अपने 'राजनैतिक मालिकों' की जरूरतों के आधार पर तय किया है।

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरुप चक्रवर्ती ने कहा कि चुनाव के चरणों की संख्या पूरी तरह से दर्शा रही है कि भाजपा जितने चरणों में चुनाव करवाना चाहती थी चुनाव आयोग ने बस उनकी जरूरतों का ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि वरना कोई इस बात को कैसे सही ठहरा सकता है कि जब देश में कोरोना जैसी मारक बीमारी का प्रकोप था तब साल 2021 में राज्य में 8 चरणों में चुनाव करवाया गया था और अब मात्र 2 चरण में। कितने चरणों में चुनाव होता है, यह महत्व नहीं रखता है। जनता भाजपा को ऐसे भी बाहर का रास्ता दिखाएगी।

तृणमूल कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पेज पर प्रतिक्रिया देते हुए और भाजपा को टैग कर लिखा है, बांग्ला-विरोधियों को साफ करने में बंगाल की जनता को कितने चरणों का चुनाव लगेगा। इसका जवाब है : जोतोई कोरो हामला, आबार जितबे बांग्ला। #BoycottBJP

विपक्ष ने किया स्वागत

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की घोषणा का स्वागत करते हुए इस बात को लेकर चिंता व्यक्त की कि क्या मतदाता स्वतंत्र रूप से और बिना डर के अपने मतदान का अधिकार प्रयोग कर पाएंगे। 6-7 चरणों में चुनाव होने के बावजूद मैंने ऐसे कई चुनाव देखें हैं जब मतदाता अपना वोट नहीं दे पाए हैं। भाजपा ने भी चुनाव आयोग के इस फैसले का स्वागत किया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं। वर्तमान सरकार को विसर्जित करने के लिए पूरी तरह से प्रस्तुत हैं। इस परिवर्तन के माध्यम से चुनाव का परिणाम घोषित होने के 42 दिनों बाद से ही भाजपा की घोषणाओं को पूरा करने का काम शुरू किया जाएगा। इसमें 7वां वेतन आयोग के आधार पर वेतन देने की प्रक्रिया को शुरू करना, केंद्र सरकार की महिलाओं के लिए भत्ता आवंटन वाली योजनाओं को लागू करना, अन्नपूर्णा लक्ष्मी भंडार के माध्यम से महिलाओं को 3000 रुपया देने का वादा पूरा किया जाएगा।

जो लोग मजबूरी में प्रवासी मजदूर बनकर दूसरी जगहों पर काम करते हैं ऐसे लोगों को 1 साल के अंदर वापस लाने का लक्ष्य बनाया गया है। भारी कारोबार के लिए निवेश किया जाएगा। सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी गयी है उनका उम्र में छूट दी जाएगी। राज्य में कानून का शासन लागू किया जाएगा। हमारी यहीं कोशिश होगी कि जो नई सरकार बनेगी वह सर्वव्यापी हो। विभाजन की राजनीति और घृणा की राजनीति को बंद किया जाएगा। जो ऐसा करेंगे उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाएगा।

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