लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीेएसपी) सुप्रीमो मायावती ने रविवार को केंद्र सरकार से पार्टी के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को समय पर सम्मान नहीं दिया इसलिए केंद्र सरकार को कांशीराम के साथ वही गलती नहीं करनी चाहिए।
मायावती ने कहा कि कांशीराम ने समानता और न्याय के लिए समाज में कई बदलाव किए और उन्होंने यूपी में सरकार भी बनाई। उन्होंने बहुजन समाज को संबोधित करते हुए कहा कि केवल चुनाव के समय ही अन्य पार्टियां दलितों और पिछड़े वर्ग के बारे में सोचती हैं, असली काम बीेएसपी ही कर रही है।
पीटीआई के अनुसार, कांशीराम का जन्म पंजाब के रूपनगर में 15 मार्च 1934 को हुआ था। उन्होंने 1978 में BAMCEF, 1981 में दलित शोषित समाज संघर्ष समिति और 1984 में बीेएसपी की स्थापना की। वे 1991 में उत्तर प्रदेश के एटावा से और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए। 1998 से 2004 तक वे राज्यसभा सदस्य भी रहे। कांशीराम का निधन 9 अक्टूबर 2006 को दिल्ली में 72 वर्ष की आयु में हुआ।
मायावती ने विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे केवल चुनाव के समय ही बहुजनों को याद करते हैं और सत्ता में आने के बाद उनकी उपेक्षा करते हैं। मायावती ने बीेएसपी कार्यकर्ताओं के साथ कांशीराम की प्रतिमा और चित्र पर पुष्प अर्पित किए और जनता से अपील की कि वे उन पार्टियों से सावधान रहें, जो बहुजन वोट की शक्ति को कम करना चाहती हैं।