लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवार को अयोध्या (Ayodhya) में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा की। इस सिलसिले में अयोध्या के सीएफसी ऑडिटोरियम में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टिकराम फुंडे ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति 19 मार्च को अयोध्या पहुंचेंगी और राम जन्मभूमि में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं और कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
जिलाधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन के दिन हिंदू नववर्ष का पहला दिन भी है, इसलिए मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि उस दिन मंदिर में दर्शन का समय सामान्य से एक घंटा पहले शुरू किया जाएगा और देर रात तक जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन कर सकें। आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए इस दिन कोई भी वीवीआईपी या विशेष पास जारी नहीं किया जाएगा।
हालांकि राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के मंदिर पहुंचने और पूजा-अर्चना के दौरान कुछ समय के लिए दर्शन प्रक्रिया को थोड़ी देर के लिए रोका जाएगा। इसके बाद दर्शन फिर से सामान्य रूप से जारी रहेंगे।
इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘जल महोत्सव 2026’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में पानी केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा, आजीविका और सामुदायिक जीवन से जुड़ा हुआ है।
राष्ट्रपति ने कहा कि लंबे समय तक ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। स्वच्छ जल उपलब्ध कराना केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि समय, स्वास्थ्य और सम्मान से भी जुड़ा हुआ है। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की। इस योजना के तहत अब कई गांवों में लोगों को अपने घरों में ही साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है।