पिछले कुछ दिनों से ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्य नेता मुजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह की खबरें चर्चा में थी। क्या वह जीवित हैं अथवा उनकी मौत हो चुकी है? अगर जिंदा हैं तो क्या अपनी जिम्मेदारियों को संभालने की स्थिति में हैं, क्योंकि उनके बुरी तरह से घायल होने के दावे किए जा रहे थे।
हालांकि इन सभी चर्चाओं पर मुजतबा खामेनेई ने खुद ही विराम लगा दिया है। सर्वोच्य नेता बनने के बाद पहली बार मुजतबा खामेनेई ने वीडियो संदेश जारी किया जिसमें सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्होंने चेताया है। उन्होंने कड़े शब्दों में न सिर्फ अमेरिका को चेतावनी दी है बल्कि होर्मुज जलसंधि के बंद होने को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।
गुरुवार को एक वीडियो संदेश के माध्यम से ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्य नेता मुजतबा खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया कि वह युद्ध, अमेरिका और होर्मुज जलसंधि के बारे में क्या सोचते हैं? हालांकि इस वीडियो संदेश को देखकर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस संदेश को उन्होंने कहां रिकॉर्ड किया है। अपने संदेश में मुजतबा खामेनेई ने स्पष्ट रूप से बता दिया है कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अविलंब बंद करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो सैन्य ठिकानों पर भयानक तरीके से हमला किया जाएगा।
गौरतलब है कि युद्ध के शुरू होने के बाद से लेकर अब तक पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, बहरीन, ईराक जैसे पश्चिम एशिया के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइलों ने हमला बोला है। हालांकि ईरानी मिसाइलों का निशाना पड़ोसी राष्ट्र नहीं हैं, सर्वोच्य नेता ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है।
ईरान की सरकारी टीवी पर पढ़े जा रहे इस संदेश में मुजतबा खामेनेई ने कहा कि हम पड़ोसी के साथ मित्रतापूर्ण रिश्ते में विश्वास करते हैं और सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाकर ही हम हमला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला आगे भी इसी प्रकार से चलता रहेगा।
मुजतबा ने ईरान के पूर्व सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का मुद्दा उठाते हुए एक बार फिर से बदला लेने की बात दोहराई। मुजतबा खामेनेई ने कहा कि सभी 'शहीदों' के खून का बदला लिया जाएगा। हम किसी का त्याग नहीं भूलेंगे। मैं सबसे वादा करता हूं कि हमारे मन में प्रतिशोध की जो आग जल रही है वह सिर्फ क्रांति के महान नेता के शहीद होने की वजह से नहीं जल रही है। देश का वह हर नागरिक जो दुश्मन के हाथों मारा गया, वह बदले की फाइल का एक-एक स्वतंत्र अध्याय है।
एक तरफ भारत जैसे देश होर्मुज जलसंधि के खुलने की उम्मीद में बैठे हुए हैं। कुछ समय पहले ही ईरान ने घोषणा की थी कि चीन व रुस के अलावा किसी भी और दूसरे देश के जहाज को वे उस प्रणाली से होकर नहीं जाने देंगे। अगर किसी और देश के जहाज ने वहां से होकर गुजरने की कोशिश की तो उसमें आग लगा दी जाएगी। हालांकि गुरुवार को इस प्रणाली से होकर भारत का एक तेल का टैंकर जहाज निकला है। लेकिन मुजतबा खामेनेई ने एक बार फिर से घोषणा कर दी है कि दुनिया का प्रमुख ईंधन मार्ग फिलहाल बंद ही रहेगा।
ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्य नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा कि युद्ध के समय इस रणनीतिक व बेहद महत्वपूर्ण संकीर्ण मार्ग को ईरान अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेगा। मुजतबा ने कहा कि होर्मुज जलसंधि को अवरुद्ध करके रखने का जो फायदा होगा, उसका इस्तेमाल ईरान को करना चाहिए।