रसोई गैस और वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई समस्याओं के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने गुरुवार को LPG डीलर और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। सिलेंडर की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिड्योर (SOP) चालू किया है।
गैस सिलेंडर की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए उठाए गए कौन-कौन से कदम?
24X7 कंट्रोल रूम : नवान्न में एक केंद्रीयकृत कंट्रोल रुम शुरू किया गया है जो यह सुनिश्चित करेगा कि LPG सिलेंडर की आपूर्ति को सामान्य रूप से बना रहे। इसके साथ कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जहां समस्या में पड़ने पर आम जनता संपर्क कर सकती है। कंट्रोल रूम का हेल्प लाइन नंबर है - 1070/033-2214-3526 और मोबाइल नंबर 8697981070।
राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक राज्यस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी नियमित रूप से सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर समीक्षा करेगी। इस कमेटी में शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य व आपदा प्रबंधन विभाग के सचिवों को रखा गया है।
साथ ही कहा गया है कि खास तौर पर ख्याल रखा जाए कि अस्पतालों, स्कूलों (मिड-डे-मील), आंगनवाड़ी केंद्र और संशोधनागारों में सिलेंडर की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो। जिन उपभोक्ताओं का एक सिलेंडर है, ऐसे उपभोक्ताओं की बुकिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस और एन्फोर्समेंट ब्रांच LPG सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखेगी। जिलाधिकारियों के नेतृत्व में जिला स्तर पर भी विशेष कमेटी गठित की जाएगी। गैस के टैंकरों को आवाजाही करने में कोई परेशानी न हो, इसलिए जरूरी होने पर 'ग्रीन कॉरिडोर' भी तैयार किया जाएगा। इन गाड़ियों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वाली गाड़ियों की सूची में शामिल किया जाएगा।
LPG को लेकर पुलिस की हेल्पलाइन पर दर्ज करवाएं शिकायत
अगर गैस अथवा ईंधन से संबंधित किसी समस्या को लेकर शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो आम जनता सीधे तौर पर हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। अगर किसी इलाके में गैस की डिलीवरी को लेकर भी कोई परेशानी या समस्या पैदा होती है तो निम्न नंबरों पर कॉल किया जा सकता है -
033-49506101, 033-35026214, 033-24874400
सरकार की ओर से आम लोगों से अनुरोध किया गया है कि रसोई गैस को लेकर डरकर अतिरिक्त सिलेंडर की बुकिंग न करें। बताया जाता है कि राज्य के डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक दिन उपलब्ध और आपूर्ति करवायी गयी सिलेंडरों के बारे में रियल-टाइम जानकारियों की भी लगातार समीक्षा की जाएगी।