बकाया DA की मांग पर संग्रामी संयुक्त मंच जैसे 3 संगठनों ने शुक्रवार (13 मार्च) को बंद बुलायी है। बताया जाता है कि 13 मार्च को राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों और सरकारी ऑफिसों में हड़ताल करने का आह्वान किया गया है। हालांकि नवान्न की ओर से गुरुवार को इस बाबत एक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त कोई भी शिक्षण संस्थान शुक्रवार को बंद नहीं रहेगा।
साथ ही कहा गया है कि अगर शुक्रवार को कोई कर्मचारी ऑफिस नहीं जाता है तो उसका कैजुअल लीव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिन 3 संगठनों ने हड़ताल बुलायी है उनमें संग्रामी संयुक्त मंच, सरकारी कर्मचारी परिषद और संयुक्त मंच शामिल है, जो शुक्रवार को राज्य भर के सभी सरकारी ऑफिसों, शैक्षणिक संस्थानों में हड़ताल की मांग कर रहे हैं। हालांकि अस्पताल व परिवहन आदि इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल की सीमा से बाहर रखा गया है।
बताया जाता है कि कई शिक्षक संगठन भी इस हड़ताल में शामिल होने वाले हैं। वहीं दूसरी ओर नवान्न से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शुक्रवार को कैजुअल लीव नहीं लिया जा सकेगा और न ही हाफ-डे की छुट्टी को ही स्वीकार किया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी शुक्रवार को ऑफिस नहीं जाता है तो उसके कार्यजीवन से एक दिन काट लिया जाएगा। सिर्फ इतना ही नहीं, अनुपस्थिति कर्मचारी के लिए वह दिन 'नो सैलरी डे' होगा।
हालांकि यह कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हो, परिवार में अचानक कोई हादसा हो जाए, कोई बुरी तरह से बीमार हो, चाईल्ड केयर लीव, मैटरनिटी लीव या फिर पहले से ही अगर किसी कर्मचारी ने Earned Leave ले रखा हो तो उसका मामला अलग होगा।