केंन्द्र जितना भी आश्वासन दे, LPG की आपूर्ति को लेकर आम नागरिकों में व्यापक चिंता है। गैस न मिलने के कारण इंडक्शन कुकर के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है लेकिन हर घर में तो इंडक्शन कुकर या वहाँ खाना बनाने के लिए उपयुक्त बर्तन नहीं हैं। इसलिए उन सामग्रियों को खरीदने से पहले ध्यान दिया जा रहा है कि कैसे हिसाब करके घर के खाने की गैस खर्च की जा सके। इस विषय में सलाह दी है राज्यीय ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने।
खाना पकाने में गैस कैसे बचाई जा सकती है ?
IOC ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट में गैस बचाने के लिए प्रेशर कुकर के उपयोग पर जोर दे रहे हैं। X पोस्ट में बताया गया है कि प्रेशर कुकर में खाना पकाने से काफी हद तक गैस बचाई जा सकती है।
कई प्रकार के चावल कुकर में सेपरेटर का उपयोग करके अलग-अलग प्रकार का खाना एक साथ पकाया जा सकता है। इससे एक बार गैस जलाकर एक साथ चावल, दाल और सब्ज़ी तैयार की जा सकती है। इससे बार-बार गैस खर्च नहीं होगी। सिलेंडर भी कई दिनों तक चलेगा। गैस खत्म होने में समय लगेगा तो खर्च भी कम होगा, और नए गैस सिलेंडर के लिए समय भी मिलेगा।
गैस बचाने के टिप्स:
कई तरीकों से गैस बचाई जा सकती है। जैसे कि धीमी या मध्यम आंच पर खाना पकाने से गैस कम खर्च होती है। चावल, दाल और दाल जैसी अनाज को पकाने से पहले पर्याप्त समय के लिए भिगो देने से पकाने में समय कम लगता है। इससे गैस की खपत कम होती है। खाना बनाते समय बर्तन को ढककर रखने से गैस कम खर्च होती है। बेवजह गैस बर्नर पर आग जलाए रखना चाहिए नहीं। यदि गैस ओवन का बर्नर साफ रखा जाए तो गैस की खपत कम होती है।