नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को जानकारी दी कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में 93 हजार से अधिक पद खाली हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
किस बल में कितने पद खाली
मंत्री ने बताया कि अर्धसैनिक बलों में सबसे ज्यादा रिक्तियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में हैं, जहां 27,400 पद खाली हैं। इसके बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में 28,342 पद खाली हैं। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल (BSF) में 14,531, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में 12,333 और सशस्त्र सीमा बल (SSB) में 6,784 पद रिक्त हैं। वहीं असम राइफल्स में 3,749 पद खाली हैं। इस तरह कुल मिलाकर 93,139 पद खाली हैं।
सरकार ने कहा-बल अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं
रिक्त पदों के कारण कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और आपदा से निपटने की क्षमता पर असर पड़ने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद सभी बल अपनी जिम्मेदारियां ठीक तरह से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करके बल पूरी पेशेवर तरीके से अपने कर्तव्य निभा रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया जारी, कई कदम उठाए गए
नित्यानंद राय ने बताया कि CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के जरिए की जाती है। भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें SSC के माध्यम से कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पदों की हर साल भर्ती, भर्ती समन्वय के लिए एक नोडल बल की नियुक्ति और शारीरिक परीक्षण के दौरान चयन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल शामिल है।
भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए अन्य कदम
सरकार ने मेडिकल जांच में लगने वाला समय भी कम किया है। जिन श्रेणियों में उम्मीदवारों की कमी है, वहां उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए कट-ऑफ अंक भी कम किए गए हैं ताकि पर्याप्त संख्या में भर्ती हो सके। इसके अलावा पदोन्नति से जुड़े खाली पदों को भरने के लिए विभागीय पदोन्नति समितियों की नियमित बैठकें भी कराई जा रही हैं, ताकि बलों में मानव संसाधन की संख्या बढ़ाई जा सके।
इस्तीफों की संख्या में बढ़ोतरी
एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री राय ने बताया कि 2021 के बाद से CAPFs में इस्तीफों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2025 में 2,333 कर्मियों ने इस्तीफा दिया, जबकि 2021 में 1,255 इस्तीफे हुए थे। आंकड़ों के अनुसार 2022 में 1,183, 2023 में 2,037 और 2024 में 2,724 इस्तीफे दर्ज किए गए।
आत्महत्या, भाई-हत्या और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों में कमी
सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार अर्धसैनिक बलों में आत्महत्या, फ्रैट्रिसाइड (साथी द्वारा हत्या) और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों में कमी आई है। 2025 में आत्महत्या के 158 मामले सामने आए, जबकि 2021 में 143 मामले थे। फ्रैट्रिसाइड के मामले 2021 में 11 से घटकर 2025 में 4 रह गए। वहीं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति 2021 में 10,828 से घटकर 2025 में 4,291 हो गई।
ओपीएस को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित
जब यह पूछा गया कि दिल्ली हाईकोर्ट के 2023 के फैसले के बाद क्या CAPF कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना और अन्य सुविधाओं की बहाली पर सरकार विचार कर रही है, तो मंत्री ने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
कर्मियों के लिए कल्याण बोर्ड की व्यवस्था
CAPF कर्मियों के कल्याण के लिए गृह मंत्रालय ने वेलफेयर एंड रिहैबिलिटेशन बोर्ड (WARB) बनाया है। यह बोर्ड सेवानिवृत्त CAPF कर्मियों, उनके परिवारों और मृत या दिव्यांग कर्मियों के परिजनों के कल्याण और पुनर्वास का काम करता है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सेंट्रल वेलफेयर ऑफिसर, स्टेट वेलफेयर ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर भी नियुक्त किए गए हैं।