नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने रेलवे मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित दो रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 4,474 करोड़ रुपये है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन परियोजनाओं में सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन और संतरागाछी–खड़गपुर चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। इनका उद्देश्य लाइन क्षमता बढ़ाना तथा भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार करना है।
ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव संचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ कम करने में मदद करेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नया भारत” विजन के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र के लोगों को समग्र विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाएंगी और रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएंगी।
इन परियोजनाओं की योजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई है, जिसमें एकीकृत योजना और विभिन्न हितधारकों से परामर्श के माध्यम से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
मंजूर परियोजनाएं कोयला, पत्थर, डोलोमाइट, सीमेंट, स्लैग, जिप्सम, लोहा और इस्पात, खाद्यान्न, पेट्रोलियम उत्पाद (पीओएल), कंटेनर आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग हैं। क्षमता बढ़ाने के कार्यों से प्रति वर्ष लगभग 31 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी।
पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण रेलवे देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद करेगा। इससे तेल आयात में 6 करोड़ लीटर की कमी आएगी और CO₂ उत्सर्जन में 28 करोड़ किलोग्राम की कमी होगी, जो लगभग 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
पश्चिम बंगाल और झारखंड के इन प्रमुख पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी
पश्चिम बंगाल और झारखंड के 5 जिलों को कवर करने वाली इन दो परियोजनाओं से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 192 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा। मंजूर मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से करीब 5,652 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 1.47 करोड़ है। प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनमें बोलपुर-शांतिनिकेतन, नंदिकेश्वरी मंदिर (शक्तिपीठ), तारापीठ (शक्तिपीठ), पटचित्र ग्राम, धादिका वन, भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य और रामेश्वर कुंड आदि शामिल हैं।