नई दिल्ली: जमाखोरी और काला बाज़ारी को रोकने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी।
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पहले लोग 55 दिनों में एलपीजी सिलेंडर बुक करते थे, लेकिन अब कुछ लोग 15 दिनों में ही सिलेंडर बुक करने लगे हैं।
सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और साथ ही घरेलू एलपीजी कनेक्शनों को वाणिज्यिक कनेक्शनों पर प्राथमिकता देने को कहा है।
सूत्रों ने दोहराया कि घरेलू उपभोक्ता हमेशा प्राथमिकता में रहेंगे। भारत अधिक एलपीजी साझेदारों की तलाश में है। अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों ने भारत को एलपीजी बेचने की पेशकश की है।
एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले कहा कि जब तक कच्चे तेल की कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
सूत्रों ने कहा कि देश में पर्याप्त भंडार होने के कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना कम है।उम्मीद है कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेगी। देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी की समस्या नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य मार्ग के अलावा अन्य स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति तेज़ कर दी गई है। भारत के पास एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) का भी पर्याप्त भंडार है। भारत एटीएफ का उत्पादक और निर्यातक है, इसलिए एटीएफ को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। भारत इस स्थिति में अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।