नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के बोर्ड ने मंगलवार को हुई बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार एल्बर्स 10 मार्च 2026 को कार्य समय समाप्त होने के बाद औपचारिक रूप से कंपनी छोड़ देंगे। उनके पद छोड़ने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक कि नए स्थायी CEO की नियुक्ति नहीं हो जाती।
ऑपरेशनल संकट के बाद आया फैसला
एल्बर्स का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब इंडिगो हाल ही में एक बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर चुकी है। करीब तीन महीने पहले एयरलाइन को बड़े पैमाने पर उड़ानों के व्यवधान का सामना करना पड़ा था, जिससे लगभग तीन लाख यात्री प्रभावित हुए थे।
दिसंबर 2025 में पायलटों की थकान को रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में कंपनी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते फ्लाइट शेड्यूल पर व्यापक असर पड़ा।
हजारों उड़ानें रद्द और देर से संचालित
3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो को 2,500 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि करीब 1,900 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इस वजह से बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंस गए और एयरलाइन की संचालन क्षमता पर सवाल उठे।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाया। नियामक ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया और CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
राहुल भाटिया संभालेंगे अंतरिम जिम्मेदारी
इंटरग्लोब एविएशन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि राहुल भाटिया कंपनी के संचालन को स्थिर करने और ग्राहकों को भरोसेमंद सेवा देने की दिशा में नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपने कॉर्पोरेट कल्चर को मजबूत करना, ऑपरेशनल एक्सीलेंस को बेहतर बनाना और यात्रियों को भरोसेमंद व पेशेवर सेवा प्रदान करना है।
एल्बर्स के कार्यकाल की उपलब्धियां
पीटर एल्बर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में एयरलाइन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
इस अवधि में इंडिगो ने 10 अरब डॉलर से अधिक का राजस्व हासिल किया।
-अपने बेड़े का विस्तार कर 440 से अधिक विमानों तक पहुंचाया,
-500 एयरबस A320 फैमिली विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया।
हालांकि, दिसंबर 2025 में आया बड़ा परिचालन संकट उनके कार्यकाल पर भारी पड़ गया और एयरलाइन की समयबद्धता और संचालन क्षमता की साख को नुकसान पहुंचा।
इंडिगो के लिए अहम मोड़
एल्बर्स का जाना इंडिगो के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। एयरलाइन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने संचालन को पूरी तरह स्थिर करना और यात्रियों के साथ-साथ सरकार का भरोसा दोबारा हासिल करना है। फिलहाल राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी संचालन को स्थिर करने की कोशिश करेगी, जबकि विमानन उद्योग की नजर इस बात पर टिकी है कि इंडिगो का अगला स्थायी CEO कौन होगा।