नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी 26 वर्षीय अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कुल 2025 अंकों में से 1071 अंक प्राप्त किए, जो 52.88 प्रतिशत है। अनुज ने AIIMS जोधपुर से MBBS किया है और मेडिकल साइंस को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। मुख्य परीक्षा में उन्हें 1750 में से 867 अंक और व्यक्तित्व परीक्षण में 275 में से 204 अंक मिले। तीसरे प्रयास में हासिल की गई यह सफलता दर्शाती है कि निरंतर प्रयास और स्पष्ट रणनीति यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में निर्णायक भूमिका निभाती है।
अनुज की सफलता का राज
अनुज की सफलता मेडिकल पृष्ठभूमि से प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। उन्होंने अपनी तैयारी 2023 में शुरू की थी और नियमित दिनचर्या, अनुशासित अध्ययन और स्मार्ट प्लानिंग को अपनी उपलब्धि का आधार बताया। खेलों से प्रेरणा लेने वाले अनुज विराट कोहली और हॉकी खिलाड़ी पीआर श्रीजेश को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। उनका कहना है कि कठिन परीक्षा में मानसिक संतुलन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण कारक होते हैं।
यूपीएससी के दूसरे टॉपर्स
इस वर्ष दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम (28 वर्ष) रहीं, जिन्होंने 1067 अंक यानी 52.69 प्रतिशत प्राप्त किए। चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीई करने वाली राजेश्वरी ने सोशियोलॉजी को वैकल्पिक विषय चुना और पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। तीसरे स्थान पर आकांश ढुल ने 1057 अंक प्राप्त किए। चौथा स्थान राघव झुनझुनवाला (1042 अंक) और पांचवां स्थान ईशान भटनागर (1038 अंक) को मिला। टॉप-10 सूची में जिनिया ऑरोरा, ए आर राजा मोहैदीन, पाक्षल सेक्रेटरी, आस्था जैन और उज्ज्वल प्रियंक भी शामिल हैं, जो परीक्षा में विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि की मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं।
यूपीएससी परीक्षा की चयन प्रक्रिया
यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। 25 मई 2025 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के लिए 9,37,876 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5,76,793 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। इसके बाद अगस्त 2025 में हुई मुख्य परीक्षा में 14,161 अभ्यर्थी पहुंचे और 2,736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। अंततः 958 उम्मीदवार सफल घोषित हुए, जिनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं। सफल उम्मीदवारों को IAS, IPS, IFS सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी। यह परिणाम एक बार फिर साबित करता है कि देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में सफलता के लिए धैर्य, रणनीति और लगातार मेहनत ही सबसे बड़ा सूत्र है।