पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा 2026 की कॉपियों की जांच अभी की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कॉपियों को जांचते समय शिक्षकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। खासतौर पर कॉपियों की जांच कर रहे जिन शिक्षकों के घर पर पालतू पशु हैं, उन्हें यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे इन कॉपियों को पालतू पशुओं से दूर रखें। परीक्षार्थियों की कॉपियों को सुरक्षित रूप से संरक्षित करने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा की कॉपियां किसी भी परिस्थिति में न फट जाए, इसे ध्यान में रखना होगा।
गत 12 फरवरी को पश्चिम बंगाल माध्यमिक बोर्ड की परीक्षा खत्म हुई है। कॉपियों को जांचने और स्क्रुटनी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है। इस बीच बोर्ड ने एक विज्ञप्ति जारी कर यह निर्देश दिया है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कीड़े-मकोड़े या पालतू पशु परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं को नष्ट न कर दें, इसका ध्यान परीक्षकों को ही रखना होगा। कॉपियों को किसी ऐसी जगह पर रखना होगा, जहां ये जल्दी नष्ट न हो।
पर अचानक ऐसा निर्देश क्यों जारी किया गया? माध्यमिक बोर्ड सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल बड़ी संख्या में कॉपियों के नष्ट हो जाने की शिकायतें दर्ज करवायी गयी थी। दावा किया गया था कि कुछ कॉपियों को पालतू पशुओं ने नोच डाला था, कुछ पर पानी गिर गयी थी और कुछ कॉपियां असावधानीवश फट गए थे। इस साल फिर से ऐसी घटनाएं न घटे इसका ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
इस बारे में आनंदबाजार पत्रिका की मीडिया रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल माध्यमिक बोर्ड के सचिव सुब्रत घोष के हवाले से कहा गया है कि यह परीक्षार्थियों के जीवन की पहली बड़ी परीक्षा होती है। कॉपियों के मूल्यांकन पर ही उनका भविष्य निर्भर करता है। इसलिए कॉपियों को सुरक्षित रखने की जितनी जिम्मेदारी बोर्ड की है उतनी ही जिम्मेदारी परीक्षकों की भी बनती है। इसी वजह से यह विज्ञप्ति जारी की गयी है।
इसके साथ ही विज्ञप्ति में कहा गया है कि परीक्षकों को प्रत्येक कॉपी की गोपनियता को बनाए रखना होगा। किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह पर बैठकर कॉपियों का मूल्यांकन न करें।
माध्यमिक बोर्ड ने जितना समय निर्धारित किया है, उस समय के अंदर ही कॉपियों को जांचने का काम पूरा कर लेना होगा। ऐसा इसलिए कहा गया है ताकि माध्यमिक बोर्ड निर्धारित समय पर परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर सकें।