दक्षिण भारतीय स्टार रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी गुरुवार (26 फरवरी 2026) की सुबह में ही संपन्न हो गयी थी। इसके बाद से ही बतौर दुल्हा-दुल्हन दोनों की शादी की तस्वीरों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। आखिरकार अपने इन खास पलों की फोटो उन्होंने अपने फैंस के साथ शेयर कर दी है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने तेलुगु रीति-रिवाजों के आधार पर शादी की।
दोनों उदयपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर अरावली पहाड़ियों के बीच बने एक शानदार होटल में शादी के बंधन में बंध गए। दोनों की प्री-वेडिंग फंक्शंस 24 फरवरी से ही शुरू हो गयी थी। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने अपनी शादी के लिए VIROSH हैशटैग बनाया था।
मिली जानकारी के अनुसार दोनों ने गुरुवार की सुबह 8 बजे के मुहूर्त में विजय देवरकोंडा के परिवार के अनुसार आंध्र प्रदेश के रीति रिवाजों से शादी की और शाम को वधू पक्ष यानी रश्मिका मंदाना के तेलुगु कोडवा रीति-रिवाजों के आधार पर दोनों दोबारा शादी के बंधन में बंध गए।
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घोड़े पर सवार रश्मिका के सपनों का राजकुमार
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने टॉमैटो रेड रंग का शादी का जोड़ा पहन रखा है। पारंपरिक दक्षिण भारतीय साड़ी में रश्मिका बला की खुबसूरत लग रही हैं। उन्होंने सोने के भारी टेम्पल ज्वेलरी पहन रखी है। दक्षिण भारतीय स्टाइल का माथा पट्टी, कानों के झुमके से लेकर हाथों में सोने के कंगन और कमर में सोने के कमरबंद...पूरी तरह से एक दक्षिण भारतीय दुल्हन बनकर रश्मिका मंदाना ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि वह अपनी जड़ों से कितनी जुड़ी हुई हैं।
अपनी शादी की कई तस्वीरों के बीच रश्मिका ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की है, जो धुंधली है। यह फोटो किसकी है, वह स्पष्ट तो नहीं दिखाई दे रहा है लेकिन इतना जरूर समझ में आ रहा है कि इस फोटो में मौजूद शख्स घोड़े पर सवार है। ऐसे में यह अंदाजा लगाना बिल्कुल ही मुश्किल नहीं होगा कि घोड़े पर सवार यह शख्स रश्मिका मंदाना के सपनों का राजकुमार विजय देवरकोंडा के अलावा और कोई नहीं हो सकता।
'मेरे पति मिस्टर विजय देवरकोंडा'
रश्मिका मंदाना ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से शादी की कई तस्वीरें शेयर की हैं। इन फोटो के कैप्शन में रश्मिका ने लिखा है, 'मेरे पति मिस्टर विजय देवरकोंडा। वो शख्स जिसने मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार कैसा महसूस होता है। सुकून में रहना क्या होता है।
वो शख्स जो हर रोज मुझसे कहता था कि बड़े सपने देखना बिल्कुल ठीक है और हमेशा मुझे यकीन दिलाता रहा कि मैं उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकती हूं, जितना मैंने कभी सोचा भी नहीं था।' साथ ही रश्मिका ने लिखा है कि मैं आज जो भी हूं, जिस औरत के बनने का मैंने हमेशा सपना देखा था- वो इसलिए बन पायी क्योंकि आपने मुझे वैसा बनने में साथ दिया। मैं सच में बहुत धन्य हूं।