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केवल इलाज पर्याप्त नहीं, PCOS के प्रभाव से उबरने के लिए दिनचर्या में शामिल करें ये 7 व्यायाम

इलाज के साथ नियमित योगाभ्यास करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, रक्त संचार में सुधार होता है और हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

By सायम कृष्ण देव, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 26, 2026 17:51 IST

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) मुख्यतः हार्मोन से जुड़ी समस्या है, जो लंबे समय तक सूजन, इंसुलिन प्रतिरोध और तनाव का कारण बन सकती है। यह अन्य जटिलताओं को भी जन्म दे सकती है। इस बीमारी में जहां इलाज जरूरी है, वहीं स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम भी बेहद आवश्यक है। इस मामले में योग काफी मददगार हो सकता है। नियमित योग करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, रक्त संचार बेहतर होता है और हार्मोन संतुलन में मदद मिलती है। PCOS से राहत पाने के लिए कौन से 7 व्यायाम प्रभावी हैं?

1. सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार शरीर के लगभग सभी मांसपेशी समूहों को सक्रिय करता है। यह रक्त संचार बढ़ाता है और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है। कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन को कम करने और शरीर को ऊर्जा देने में भी सहायक है।

2. मलासन

यह आसन पेल्विस क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ाता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। महिलाओं के प्रजनन अंगों और गर्भाशय में रक्त प्रवाह बढ़ाकर हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

3. भुजंगासन

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। एड्रिनल और थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करता है, जिससे सूजन कम होती है और हार्मोन संतुलन बहाल करने में मदद मिलती है।

4. सेतु बंधासन

यह आसन गर्भाशय और थायरॉयड क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ाता है। शारीरिक तनाव और थकान कम करने में भी प्रभावी है इसलिए PCOS की स्थिति में लाभकारी माना जाता है।

5. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस योग से पेट के आंतरिक अंगों में रक्त संचार बढ़ता है। यह रक्त शर्करा संतुलन बनाए रखने और एंड्रोजन हार्मोन कम करने में सहायक हो सकता है।

6. बालासन

यह आसन मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। तनाव कम करता है, तंत्रिका तंत्र को स्थिर करता है और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

7. विपरीत करनी

दीवार के सहारे पैर ऊपर उठाकर करने वाला यह आसन गर्दन और मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।

याद रखें, योग केवल शारीरिक समाधान नहीं है। यह मानसिक शांति बनाए रखने, रक्त संचार सुधारने, हार्मोन संतुलन और सूजन कम करने में सहायक है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर होती है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार आता है।

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